महराजगंज। जिले में एएनएम सेंटर की दशा बदहाल है। बच्चे की अच्छी सेहत के लिए गर्भवती महिलाएं 63 किलोमीटर सफर तय करने को विवश हैं। निचलौल और मिठौरा में भोतहा, कनमिसवा, चटिया, चंदा सहित नौ एएनएम सेंटर हैं, जहां कोई तैनाती नहीं है, जबकि कई ऐसे उपकेंद्र बदहाल पड़े हैं, जहां जिम्मेदार आते ही नहीं हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को जांच, सलाह, दवा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला मुख्यालय तक का सफर करना पड़ता है। लोगों के मुताबिक भोतहा में एएनएम की नियुक्ति नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए करीब 63 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल आना पड़ता है।
निचलौल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत कुल 42 एएनएम सेंटर हैं, जिसमें से 37 सेंटर पर एएनएम की तैनाती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिसवा में गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए विकासखंड के 34 स्थानों पर एएनएम सेंटर बनाए गए हैं। जहां 40 एएनएम की नियुक्ति की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच के लिए कुल 41 एएनएम सेंटर हैं। जहां पर 37 सेंटर पर एएनएम की तैनाती है। जबकि चार सेंटर ऐसे हैं। जहां पर कोई एएनएम की तैनाती नहीं है। ऐसे में वहां की महिलाओं को कोसो दूरी तय कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आना पड़ता है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनियरा में कुल 36 एएनएम सेंटर हैं। जहां 35 सेंटरों पर एएनएम की नियुक्ति है। जबकि एक केंद्र पर किसी भी एएनएम की नियुक्ति नहीं है। ऐसे में यहां की महिलाओं को काफी परेशानी होती है।
घुघली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत कुल 35 एएनएम सेंटर हैं। अच्छी बात यह है कि सभी सेंटर पर एएनएम की तैनाती है, लेकिन कुछ ऐसे एएनएम सेंटर हैं जो काफी बदहाल हो चुके हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए कुल 39 एएनएम सेंटर बना है। जहां पर 48 एएनएम नियुक्त है। ऐसे में ज्यादातर एएनएम सेंटरों पर महिलाओं और मासूम बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।