अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भारत ही नहीं नेपाल के लोग भी बेहद उत्सुक हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत से सटे नेपाल के इलाकों 50 हजार लोग रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाने की तैयारी में हैं। वहीं, नेपाल हिन्दू परिषद ने 22 जनवरी को पूरे नेपाल में दीपोत्सव मनाने की तैयारी की है। परिषद ने नेपाल के सनातनी लोगों से प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन 51 दीप जलाने का आह्वान किया है।
नेपाल ट्रैवेल्स एजेंसी संचालकों ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रीराम मंदिर में दर्शन सामान्य हो जाएगा। 24 जनवरी से लेकर 31 जनवरी के लिए चार पहिया वाहनों की बुकिंग के लिए सैकड़ों लोगों के फोन आ चुके हैं। ज्यादातर लोगों ने परिवार के साथ अयोध्या यात्रा की बुकिंग कराई है। संचालकों ने बताया कि कई वर्षों के बाद ऐसा बुकिंग का समय आया है, जब गाड़ियां कम पड़ जा रही हैं।
हिन्दू परिषद नेपाल के केंद्रीय प्रवक्ता ओमकार पांडेय ने बताया कि श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर नेपाली हिन्दू भी उत्साहित हैं। 22 जनवरी के बाद नेपाल से लाखों श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नेपाल की बेटी माता सीता का विवाह भगवान श्रीराम से हुआ था। इसलिए, हर साल अयोध्या से जनकपुर तक उनकी बारात जाती है। हर साल नेपाल में एक बड़ा उत्सव मनाया जाता है। हमारे पास जनकपुर में भी विवाह मंडप है। सैकड़ों हजारों लोग दर्शन करने आते हैं। केवल सीता की जन्मस्थली ही नहीं, बल्कि इस विवाह मंडप के दर्शन करने की मान्यता भी है। ऐसे में अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन नेपाल के लिए बेहद सुखद है।