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Maharajganj News: 200 से अधिक लोगों को लगाया करोड़ों का चूना

Thu, 13 Jun 2024 03:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज के कोल्हुई थाने पर बरामद उपकरण व पकड़े गए आरोपी। 
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फरेंदा/कोल्हुई। सोशल मीडिया पर ऑनलाइन विज्ञापन डालकर गेमिंग एप के माध्यम से कई राज्यों के लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वालों को पुलिस ने पकड़ा तो कई राज खुले। आरोपी लोगों को खेल के माध्यम से हार-जीत का गेम खेलाकर उनसे लाखों रुपये की ठगी करते थे। इसकी जानकारी पुलिस को हुई तो टीम बनाकर एक ही मकान में छापा मारा जहां से 14 साइबर अपराधी पकड़े गए। वह अब तक करीब 200 से अधिक लोगों को चूना लगा चुके हैं।
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आरोपी कोल्हुई क्षेत्र के बभनी बुजुर्ग में करीब तीन माह से रहते थे। युवाओं को ऑनलाइन गेम एप के माध्यम से लोगों को लुभाते थे। लोगों को जब हार जीत की लत लग जाती थी तो उनसे लाखों रुपये की ठगी करते थे। इसकी शिकायत इलाहाबाद के एक व्यक्ति ने साइबर सेल में की थी। पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि साइबर अपराधियों का गिरोह बिहार से संचालित होता है। पुलिस टीम ने दबिश दी तो वहां से कुछ युवा पुलिस की गिरफ्त में आ गए। अपराधियों ने पूछताछ में बताया कि साइबर अपराधियों का गिरोह महराजगंज जिले में भी संचालित हो रहा है।
पुलिस ने टीम गठित कर कोल्हुई क्षेत्र के बभनी बुजुर्ग में छापा मारा तो करीब छह युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनके पास से लाखों के सामान बरामद हुआ। साथ ही करोड़ों की ठगी करने का मामला सामने आया। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि साइबर ठगी का धंधा काफी दिनों से चल रहा है, जिसका तार बिहार, छत्तीसगढ़, बलिया, मऊ के साथ कई जिलों में चल रहा है।
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अपराध के दौरान सभी लोग एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। सभी आपस में एक दूसरे को जानकारी भी देते रहते थे। सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फेंक आईडी बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी करते थे। सोशल साइट पर सामान की खरीदारी और बेचने के नाम पर फ्राड करते थे। विभिन्न प्रकार के साइबर ठगी करना सभी लोगों का मुख्य पेशा बन गया था।

साइबर अपराध के क्षेत्र में सर्वाधिक युवाओं को लग रही लत
फरेंदा। सोशल मीडिया की चकाचौंध में सर्वाधिक युवा ही खो रहे हैं। इसको देखते ही देखते अपराध के क्षेत्र में अपना पांव जमाना शुरू कर दे रहे हैं। युवाओं के बीच बढ़ रही आधुनिकता का असर भी उन पर साफ दिख रहा है। कोल्हुई क्षेत्र में पकड़े गए साइबर अपराधियों की उम्र लगभग 20 से 30 वर्ष के बीच है। जो देश के विभिन्न प्रांतों के होने के बावजूद उनमें आपसी सामंजस्य कैसे बना यह सोचनीय हैं। युवाओं में तेजी से पैसा कमाने की ललक उनको अपराध की दुनिया में धकेल रहा है।

किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया के प्रलोभन में न फंसे। साइबर अपराधी हमेशा लोगों को फंसाने का काम करते हैं। झांसा देकर प्वांइंट के माध्यम से जब फंसा लेते हैं तब पैसों की ठगी करते हैं। पकड़े गए आरोपी सभी युवा हैं। उनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
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-अनिरूद्ध कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी फरेंदा
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