घुघली। मनरेगा में कार्य करने से मजदूरों का मोह भंग हो रहा है। विकास खंड के 74 ग्राम सभाओं में कुल 22825 कार्ड धारक हैं। इसमें चार हजार 643 जाॅब कार्ड धारक निष्क्रिय हैं। इन्हें सक्रिय करने के लिए जिम्मेदारों ने पहल नहीं की। सक्रिय कार्ड धारक 18182 हैं। जबकि सक्रिय श्रमिक 21281 हैं। इन कार्डों में एससी कार्ड धारक 221, एसटी कार्ड धारक 12 हैं।
जानकारी के अनुसार, 74 ग्राम सभाओं में मनरेगा में 100 दिन कार्य करने वाले मजदूरों की संख्या मात्र 598 है। जबकि 2023 में 100 दिन कार्य करने वालों की संख्या 1080 थी। दिन पर दिन मनरेगा में कार्य करने वालों की रुचि कम होती जा रही है। जबकि 2022-2023 में 100 दिन काम करने वाले मजदूरों की संख्या 1080 रही। जबकि वर्ष 2024 में संख्या घटी है।
कार्य करने वाले श्रमिक सरकार के तरफ से अकुशल और कुशल श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए और गांवों से मजदूरों का पलायन रोकने के उद्देश्य से मनरेगा का संचालन किया जा रहा है। ग्राम विकास विभाग ने प्रत्येक पंजीकृत परिवारों को 100 दिन का रोजगार गारंटी देने के साथ ही धन राशि खर्च करने का मानक तय किया है, जिसका प्रत्येक दिन का मजदूरी 230 रुपए था लेकिन सरकार ने अब मजदूरी बढ़ाकर 237 रुपये कर दिया।
डीसी मनरेगा करुणाकर आबिद ने बताया कि लापरवाही के कारण ही बीडीओ व एपीओ हटाए गए हैं। मानक के अनुसार मजदूरों का काम देने का प्रयास जारी रही।