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Maharajganj News: नहीं मिली कोरोना काल की फीस, अभिभावक परेशान

Thu, 06 Apr 2023 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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अमर उजाला मिशन एडमिशन
बढ़ रही फीस को नियंत्रित करने में भी विद्यालयों की ओर से नहीं दिखाई जा रही गंभीरता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कोरोना काल में उत्पन्न हुए हालात ने जहां लोगों की मुश्किलों को बढ़ाया, वहीं, बच्चों की शिक्षा को भी बुरी तरह प्रभावित किया। बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों से विद्यालय प्रबंधन ने फीस भी वसूल की। कुछ संस्थानों ने फीस लेने में रियायत की तो अधिकांश संस्थानों ने मनमाना तौर पर फीस वसूले। उच्च न्यायालय ने कोरोना काल के दौरान ली गई फीस मेें से 25 प्रतिशत धनराशि वापस करने के लिए कहा है। इसके बाद भी अब तक विद्यालयों की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
जिले में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित विद्यालयों में अलग-अलग फीस का निर्धारण है। विद्यालयों की ओर से जहां साल-दर-साल फीस बढ़ाई जा रही है, वहीं, नामांकन का शुल्क भी जोड़ लिया जा रहा है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक स्कूलों की व्यवस्था में क्षति उठा रहे हैं, मगर इस पर अंकुश लगाने में शिक्षा विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक अमला भी अब तक विफल साबित हो रहा है। अभिभावकों को उम्मीद है कि उनकी फीस वापस होगी, मगर इस दिशा में विद्यालयों की ओर से चुप्पी साध ली गई है।
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शहर के स्कूलों की फीस का औसतन तुलनात्मक चार्ट
वर्ष 2018
कक्षा नौ- 1250 रुपये
कक्षा 10- 1400 रुपये
कक्षा 11- 1550 रुपये
कक्षा 12- 1650 रुपये

वर्ष 2022
कक्षा नौ- 1800 रुपये
कक्षा 10- 1950 रुपये
कक्षा 11- 2100 रुपये
कक्षा 12- 2200 रुपये

वर्ष 2023
कक्षा नौ- 2200 रुपये
कक्षा 10- 2400 रुपये
कक्षा 11- 2500 रुपये
कक्षा 12- 2650 रुपये

अभिभावकों को खल रही जून की फीस वसूली
कुछ विद्यालयों की ओर से शिक्षकों के भुगतान के नाम पर अभिभावकों से जून माह के फीस की वसूली भी की जा रही है। ऐसे में यदि किसी घर के दो से तीन बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं तो उन्हें सात से आठ हजार का बेवजह का धक्का लग रहा है। सीमित आय में यह व्यवस्था अभिभावकों को काफी खल रही है।
कोट
प्रत्येक वर्ष फीस की बढ़ोतरी से अभिभावकों की मुश्किल बढ़ रही है। कोरोना काल की फीस अब तक वापस नहीं हुई है। प्रशासन व शिक्षा विभाग को फीस को वापस कराने की दिशा में विशेष प्रयास करना होगा।
-रामू प्रसाद, अभिभावक

विद्यालयों की ओर से फीस को वापस करने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। सुविधा के नाम पर अभिभावकों की मुश्किल बढ़ाई जा रही है। फीस वापसी की दिशा में अधिकारियों को पहल करनी होगी।
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-अनिल गुप्ता, अभिभावक

निजी विद्यालयों की ओर से कोरोना काल मेें ली गई फीस में से 25 प्रतिशत अभिभावकों का वापस करना है। विद्यालयों को पहले से इसकी जानकारी भी है। विद्यालय प्रबंधन से बातचीत करते हुए कोरोना काल में ली गई फीस को निर्धारित निर्देशों के तहत वापस कराने पर जोर होगा।
-अमरनाथ राय, जिला विद्यालय निरीक्षक
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