निचलौल। वन रेंज क्षेत्र के जंगल से सटे भूमि पर खनन माफिया जेसीबी से अवैध मिट्टी खनन कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर रेंजर और वनकर्मी खनन स्थल पर छापा मारने पहुंचे। यह देख माफिया वाहन लेकर भागने लगे। टीम ने मिट्टी लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ ली। जिसे छुड़ाने के लिए माफिया रेंजर सहित वन कर्मियों को घेरकर दुर्व्यवहार करने लगे। टीम ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को रेंज परिसर में खड़ी कर दी।
निचलौल रेंजर सुनील राव ने बताया कि उन्हें शनिवार देर शाम को मुखबिर से सूचना मिली की कुछ खनन माफिया पिपरहवा गांव के पास स्थित गोपालगंज जंगल से सटे भूमि पर जेसीबी से मिट्टी खनन कर रहे हैं। सूचना पर वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच छापा मारा। खनन माफिया जेसीबी मशीन सहित अन्य वाहन लेकर भाग निकले। टीम ने मिट्टी लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। जिसे टीम कब्जे में लेकर रेंज परिसर लौट रही थी। अभी वह पिपरहवा गांव के पास पहुंचे थे तभी खनन माफिया वाहन को छुड़ाने के लिए स्कार्पियो से उन्हें और टीम को घेर लिया। टीम खनन माफियाओं के चंगुल से किसी तरह बच कर मिट्टी लदी वाहन के साथ निकले।
मकसद में असफल होने पर खनन माफिया रेंजर और वन कर्मियों की टीम को करीब चार किलोमीटर दूर दौड़ाकर टिकुलहिया गांव के टोला टोंगरी के पास सड़क पर बाइक और स्कार्पियो खड़ी कर दोबारा घेर लिया। खनन माफिया टीम के साथ दुर्व्यवहार करते हुए वाहन को छुड़ाने का प्रयास किया। सतर्कता बरतते हुए वाहन को रेंज परिसर में लाकर खड़ी कर दी। ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्तकर खनन माफिया के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी खनन माफिया वन दरोगा पर बोले थे हमला
31 जनवरी को निचलौल थाना क्षेत्र के करमहिया गांव में जंगल के किनारे से कुछ खनन माफियाओं की ओर से अवैध खनन किया जा रहा था। सूचना मिलने पर निचलौल वन रेंज में तैनात वन दरोगा रामप्रसाद खनन स्थल पर जा पहुंचे। उसके बाद अवैध खनन का मोबाइल से वीडियो बनाने लगे, जिससे आक्रोशित खनन माफियाओं ने वन दरोगा पर हमला बोल मोबाइल छीन लिया। उस दौरान मौके पर आक्रोशित खनन माफियाओं से किसी तरह बचकर वन दरोगा रामप्रसाद ने रेंज कार्यालय पहुंच वन क्षेत्राधिकारी को घटना की जानकारी दी। तब तक खनन कर रहे सभी आरोपी वाहन लेकर मौके से भाग निकले।