अस्पताल में कम दवा होने की बात पर प्रमुख सचिव को लगाया फोन, जल्द दवा उपलब्ध कराने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। डॉक्टर मरीजों को दवा बाहर से न लिखें। सभी डॉक्टर अस्पताल रहें। मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यह कहना है उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। वह बृहस्पतिवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछा कि अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की क्या स्थिति है। अधिकारियों ने बताया कि 240 प्रकार की दवाओं की जगह 97 दवाएं ही उपलब्ध हैंं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को फोन लगाकर जल्द दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलें। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। किसी भी योजना को धरातल पर पहुंचाने के लिए अधिकारियों की भूमिका अहम होती है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को तत्काल संचालित करें। सीएचओ को लैपटाॅप उलब्ध कराया जाय।
उन्होंने कहा कि यह शिकायत मिलती है कि डॉक्टर जिले में रहते नहीं हैं। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई करें। इस दौरान जन प्रतिनिधियों ने जनता से जुड़ी समस्याओं को बताया। इस मौके पर सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीना वर्मा आदि मौजूद रहे।
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भाजपा का सम्मेलन सपा-बसपा से अलग
महराजगंज। पार्टी कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि भाजपा का सम्मेलन सपा-बसपा के सम्मेलनों से बिल्कुल अलग है। हमारे सम्मेलन में किसी जाति या धर्म को नहीं, बल्कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, शिक्षक आदि लोगों को जोड़ने का काम किया जाता है। जबकि सपा-बसपा ऐसा नहीं करती हैं।
जिला संयोजक संजय पांडेय ने अध्यक्षता करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा की पार्टी के पास कार्यकर्ताओं का नेटवर्क है। इस दौरान विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया, ऋषि त्रिपाठी, पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, पूर्व विधायक चौधरी शिवेंद्र सिंह ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान कृष्ण गोपाल जायसवाल, विवेक गुप्ता, प्रभाकर द्विवेदी, दुर्गा अग्रहरि आदि मौजूद रहे। संवाद