ससुराल नहीं आना चाहती थी उमा, 25 मई को जबरन भेजा गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के डिंगुरी गांव के करमहिया टोला में पिछले दिनों बंद कमरे में उमा (21) का शव लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबने से मौत होने की पुष्टि हुई है। पुलिस घटना से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र के ग्राम सभा डिंगुरी के करमहिया टोले में 26 मई को बंद कमरे में विवाहिता उमा की संदिग्ध हाल में कुंड़े से लटका शव मिला था। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। रोशनदान के रास्ते एक पुलिस कर्मी ने कमरे में प्रवेश कर बंद दरवाजे को खोला। विवाहिता की मां कुंती देवी ने ससुराल पक्ष पर हत्या करने की आशंका जताई थी। उमा की मां ने बताया कि बेटी ससुराल नहीं आना चाहती थी। 25 मई को उसे जबरन ससुराल भेजा गया था।
उधर, पनियरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सतगुर के गोलघर चौराहा के पास 22 मई को बंद कमरे में कमलेश निषाद का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला था। परिजन सुबह शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए भेजा था। रिपोर्ट में चोट लगने से मौत होने की पुष्टि हुई थी। इस मौत की गुत्थी भी अभी सुलझ नहीं सकी है।
क्षेत्राधिकारी सदर अनुज कुमार सिंह ने बताया कि युवक के साथ काम वाले कुछ युवकों से भी पूछताछ की जा चुकी है। पत्नी और भांजी के बयान में अंतर है। जांच चल रही है। जल्द ही इस घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उमा की मौत के मामले में पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि विवाहिता अपने ससुराल में नहीं आना चाहती थी, लेकिन उसके परिवार के सदस्यों ने 25 मई को उसके पति के साथ विदाई कर दिया था। 26 को उसका शव मिला। इस घटना की निष्पक्ष जांच की जा रही है।