फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाशिवरात्रि : शिवयोग, सिद्ध योग और चतुर्ग्रही योग बन रहा

Thu, 07 Mar 2024 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। महाशिवरात्रि आठ मार्च को है। इस बार महाशिवरात्रि पर 72 साल बाद अद्भुत संयोग बन रहा है। शिवयोग, सिद्ध योग और चतुर्ग्रही योग बन रहा है। साथ ही इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत भी पड़ रहा है। इस संयोग में महादेव की पूजन-अर्चन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
विज्ञापन

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। शास्त्र के अनुसार जिस दिन अर्द्धरात्रि में चतुदर्शी हो, उसी दिन शिवरात्रि का व्रत करना चाहिए। जो व्यक्ति शिवरात्रि को निर्जला व्रत रहकर जागरण और रात्रि के चारों प्रहरों में चार बार पूजा करता है, वह शिव की कृपा को प्राप्त करता है। शिवरात्रि महात्म्य में लिखा है कि शिवरात्रि से बढ़कर कोई दूसरा व्रत नहीं है। ज्योतिर्विद आचार्य लोकनाथ तिवारी के अनुसार शिवरात्रि के दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प करें।
व्रत रखकर शिव मंदिर या अपने घर में नर्मदेश्वर की मूर्ति या पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर समस्त पूजन सामग्री एकत्र कर आसन पर विराजमान होकर मंत्र जप करते हुए स्थापित शिव मूर्ति की षोड्शोपचार पूजा करें। आक, कनेर, विल्वपत्र और धतूरा, कटेली आदि अर्पित करें। रुद्राभिषेक करें शिवपुराण, शिवमहिम्नस्तोत्र, शिव संबंधित अन्य धार्मिक कथा सुनें। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की विविध नैवेद्यों से पूजा होती है। जिन्हें राशि का ज्ञान नहीं है, वह अपनी कामना के अनुसार रुद्राभिषेक करा सकते हैं। दूध से अभिषेक कराने पर पुत्र की प्राप्ति, गन्ने से लक्ष्मी, यश की, मधु से लक्ष्मी ब्यापार की, तीर्थ जल से मोक्ष की प्राप्ति की प्राप्ति होती है। जल से अभिषेक करने पर ज्वर आदि रोगों से शांति मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें