अस्पताल में कैदी का मौत के बाद रोता परिवार
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चौक बाजार थाना क्षेत्र के खजुरिया गांव के रहने वाले रामसजन की मौत बीमारी से हो गई। वर्ष 1999 में दूध में मिलावट के मामले में दोषी पाए जाने पर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। उसे सांस लेने में परेशानी और बुखार होने की बात कही गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, खजुरिया निवासी रामसजन 55 को दूध में मिलावट के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। करीब एक महीने से उसकी तबियत खराब थी। सांस लेने में दिक्कत और बुखार हुआ था। जेल प्रशासन शनिवार को जिला अस्पताल में रामसजन को भर्ती कराया था।
डॉक्टर ने इलाज कर के मेडिकल कालेज रेफर करने के लिए कहा, मेडिकल कॉलेज ले जाने में देरी हुई। इस बीच उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। रामसजनन के दो बेटे हैं। सबसे बड़े बेटे सतेंद्र 25 शादी हो गई है। छोटा बेटा बबलू 19 साल का है। रामसजन की पत्नी संतोला का रोरो कर बुरा हाल हो गया है।
मृतक के बेटे सत्येंद्र ने बताया कि पिता रामसजन ने कहा कि हमें दिक्कत हो रही है। मेडिकल कॉलेज लेकर चलो, लेकिन जेल प्रशासन ने कहा कि जेल से कागज आने के बाद ही लेकर जा पाएंगे तब तक दो घंटे बीत गए और मौत हो गई। जेलअधीक्षक प्रभात सिंह ने बताया कि बीमार बंदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उसकी मौत हो गई।