भारत नेपाल दसगजा क्षेत्र में सीमा स्तंभों का मरम्मत, रख-रखाव व रंगाई-पुताई शुरू कर दी गई है। दोनों देशों के इंडो नेपाल पर लगे खंभे लंबे समय से रख रखाव के अभाव में जर्जर व धूमिल हो गए थे। जिसे नेपाल और भारत की सीमा सुरक्षा एजेंसियां इनकी मरम्मत और रंगाई- पुताई में जुट गई हैं।
भारत नेपाल दसगजा क्षेत्र में सीमा स्तंभों का मरम्मत, रख-रखाव व रंगाई-पुताई शुरू कर दी गई है। दोनों देशों के इंडो नेपाल पर लगे खंभे लंबे समय से रख रखाव के अभाव में जर्जर व धूमिल हो गए थे। जिसे नेपाल और भारत की सीमा सुरक्षा एजेंसियां इनकी मरम्मत और रंगाई- पुताई में जुट गई हैं।
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एसएसबी व नेपाल पुलिस के समझौते के अनुसार सम संख्या वाले कॉलम भारत हैं और विषम संख्या वाले कॉलम नेपाल हैं। प्रमुख एसपी धीरेंद्रराज न्यूपाने ने बताया कि सेना के 26 गण मुख्यालय नवलपरासी ने सोमवार से रखरखाव और पेंटिंग का काम शुरू कर दिया है।
नवलपरासी जिले के नारायणी के उस पार सुस्ता गांव से पल्हीनंदन ग्रामीण नगर पालिका के गेरमी तक करीब 42 किलोमीटर का क्षेत्र भारत के उत्तर प्रदेश की सीमा को छूता है।
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वहीं सुस्ता ग्रामीण नगर पालिका में पकलिहवा से गेरमी तक साढ़े 27 किलोमीटर के क्षेत्र में 16 खंभे हैं। उन्होंने कहा कि सुस्ता ग्रामीण नगर पालिका के नारायणी नदी के उस पार कोई सीमा स्तंभ न होने के कारण भारत और नेपाल के बीच अक्सर सीमा विवाद होता रहता है।