महराजगंज। जिले के आखिरी छोर व सिद्धार्थनगर जिले की सीमा पर बसे धानी बाजार के आठ गांव के लोगों को बिजली की समस्या से छुटकारा मिल गई है। इन गांवों की लगभग 16 हजार की आबादी लो वोल्टेज व अघोषित कटौती से परेशान थी। बिजली विभाग ने समस्या समाप्त करने के लिए 1.20 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवीए का उपकेंद्र बनवाकर धानी विद्युत केंद्र को पोषित कराया है।
बुधवार को अधीक्षण अभियंता ने निरीक्षण के बाद आपूर्ति बहाल करा दी। धानी ब्लाॅक में विद्युत केंद्र पर 35 किमी दूर से 33/11 केवी लाइन भेजी गई है। दूरी और बिजली नुकसान से लगभग आठ गांव के लोगों को बिजली की किल्लत से जूझना पड़ रहा था। इन गांव में लो वोल्टेज की समस्या सालों से बनी थी। उपभोक्ताओं के बढ़ने से संकट गहराता जा रहा था। स्थिति यह थी कि बिजली रहने पर भी एलईडी बल्ब मुश्किल से जलता था।
पंखा, कूलर, फ्रिज व अन्य बिजली से चलने वाले उपकरण निष्प्रयोज्य थे। समस्या को लेकर लोगों ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन उनकी मांग अनसुनी थी। अधीक्षण अभियंता तक शिकायत पहुंची तो उन्होंने अनुमति लेकर 220 केवीए का अलग उपकेंद्र बनवाकर धानी उपकेंद्र को पोषण प्रदान कराया। इससे समस्या से जूझ रहे सभी गांवों में भरपूर वोल्टेज मिलने लगा। सालों बाद कूलर, पंखा और फ्रिज चलाकर लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं था। लोगों ने समस्या से छुटकारा दिलाने पर विभाग को धन्यवाद भी कहा।
-
धानी ब्लाॅक में लगभग 16 हजार से अधिक की आबादी भरपूर बिजली नहीं मिलने से परेशान थी। 220 केवीए के उपकेंद्र का निर्माण करवाकर धानी विद्युत केंद्र को पोषित कराते हुए आपूर्ति प्रारंभ करा दी गई है। सभी को बेहतर आपूर्ति मिलने लगी है।
-वाईपी सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत