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Maharajganj News: खूब जल रही पराली, हवा हो रही काली

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खूब जल रही पराली, हवा हो रही काली
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शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़कर 162 हुआ, पर्यवेक्षण में लापरवाही पर सहायक विकास अधिकारियों पर गिरी है गाज
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अब तक 12 थानों में कुल 76 लोगों पर केस दर्ज किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। प्रशासन की सख्ती के बावजूद किसान बेखौफ होकर पराली जला रहे हैं। ऐसे में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। चार दिन पहले शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 152 था, अब यह बढ़कर 162 हो चुका है। शुक्रवार को बभनौली क्षेत्र में पराली जल रही थी, इसे रोकने टोकने वाला कोई नहीं था। बीते दिन की घटना के बाद से सबक लेने के बजाए लापरवाही की जा रही है। यह स्थिति तब है कि जब जिले में पराली की घटनाओं के पर्यवेक्षण में लापरवाही पर सहायक विकास अधिकारी कृषि पर कार्रवाई की गई है। वहीं, पराली जलाने के मामले में जिले के 12 थानों में कुल 76 लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जिले में पराली जलाने की घटना पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती बेअसर दिख रही है। जागरूकता व कार्रवाई के बाद भी किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सैटेलाइट के माध्यम से अब तक जिले में पराली जलाने की 139 घटना दर्ज की गई है, जिनमें 105 किसानों पर 2,62,500 रुपये जुर्माना भी लगा है। अब तक 834 टन पराली एकत्र कर गौशाला को भेजी गई है। तीन कंबाइन हार्वेस्टर को सीज किया गया है।
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पराली की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल हुए तीन लेखपालों को निलंबित किया गया है। कृषि विभाग के ब्लॉक स्तरीय 15 कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके एक दिन का वेतन भी रोका गया है। छह कर्मियों का एक माह का वेतन रोका गया है। पराली जलाने के मामले में जिले के 12 थानों में कुल 76 लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
सदर कोतवाली में एक मामले में एक व्यक्ति पर, घुघली में सात मामलों में 15 व्यक्तियों पर, पनियरा में तीन मामलों में 11 व्यक्तियों पर, भिटौली में तीन मामलों में सात व्यक्तियों पर, फरेदा में एक मामले में पांच व्यक्तियों पर, पुरदंरपुर मेंं चार मामलों में आठ व्यक्तियों पर, बृजमनगंज व कोल्हुई में एक-एक मामले में एक-एक व्यक्तियों पर, नौतनवां में एक मामले में तीन व्यक्तियों पर,निचलौल में चार मामलों में 12 व्यक्तियों पर, कोठीभार में तीन मामलों में आठ व्यक्तियों पर एवं चौक में एक मामले में चार व्यक्तियों पर केस दर्ज किया गया है।

प्रदूषण की वजह से पूरा मानव शरीर प्रभावित होता

फिजिशियन डॉ. एएम भाष्कर ने बताया कि प्रदूषण की वजह से पूरा मानव शरीर प्रभावित होता है। गले के अलावा हार्ट और किडनी को भी प्रदूषित हवा क्षतिग्रस्त कर सकती है। जब हम सांस लेते हैं, तो हानिकारक व प्रदूषण युक्त कण सांस के साथ हमारे शरीर में पहुंच सकते हैं, जो हमें नुकसान पहुंचाने के लिए काफी होते हैं। वातावरण प्रदूषित हो जाता है, तो हमें आंखों में जलन हो सकती है और जलन के कारण आंखों से पानी आना, दर्द जैसी कई अन्य दिक्कतें भी हो सकती हैं। खराब वातावरण में बाहर न जाएं। जितना हो सके घर पर ही रहें और अगर बाहर जा रहे हैं, तो पूरी सुरक्षा के साथ ही बाहर जाएं।
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मृदा की उर्वरता भी नष्ट हो रही
जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि पराली जलाने से सिर्फ मानव सेहत को ही नुकसान नहीं पहुंच रहा, बल्कि मृदा की उर्वरता भी नष्ट हो रही है। अगर पराली जलाने का यह तरीका लगातार होता रहा तो खेत बंजर भी हो सकते हैं। पराली जलाने से न सिर्फ यह कीट नष्ट हो जाते हैं, बल्कि दो इंच तक मिट्टी के गर्म होने से उसमें मौजूद पोषक तत्वों का भी ह्रास होता है। वह धुएं के साथ उड़ जाते हैं। नतीजा जब हम खेत में उर्वरक डालते हैं तो उसका भरपूर लाभ फसल को नहीं मिल पाता।
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