महराजगंज। जिला अस्पताल परिसर के पीछे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद अधूरी है, जबकि टैंक एक सप्ताह पहले आ चुके हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। टेंडर भी प्रक्रिया में है।
जिला अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन के लिए प्लांट न होने का खामियाजा लोगों ने कोविड काल में झेला। कोरोना काल समाप्त होने के बाद यहां लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए सरकार की ओर से मंजूरी मिली। इसके बाद भूमि चिह्नांकन कर प्रक्रिया पूरी हुई, क्योंकि अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलिंडर गोरखपुर से खरीदना और रिफिल करवाना पड़ता था।
प्लांट शुरू होने से उम्मीद थी कि उन्हें ऑक्सीजन गैस सिलिंडर लाने और भरवाने के लिए अब गोरखपुर का नहीं दौड़ना पड़ेगा, लेकिन प्रक्रिया न शुरू होने से सभी पेशोपेश में हैं कि इस समस्या से छुटकारा कब मिलेगा। अगर प्लांट में लिक्विड आक्सीजन का काम शुरू हो जाता तो सभी निजी अस्पताल गोरखपुर सिलिंडर लाने के लिए नहीं जाते और खरीदारी यहीं से करते।