हल्की बारिश ने खोली सड़कों की गुणवत्ता की पोल
नगर सीमा में बनी सड़कों की कहीं गिट्टियां उखड़ीं तो कहीं बनने लगे गड्ढे
महराजगंज। नगर सीमा से जुड़ी तीन पक्की सड़कों की स्थिति बदहाल है। दो दिन पूर्व हुई हल्की बारिश ने जहां सड़कों की गुणवत्ता की पोल खोल कर रख दी है। वहीं, आमजन व राहगीरों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कहीं सड़क की गिट्टियां उखड़ रही हैं तो कहीं सड़कों में गड्ढा बन गए हैं। ऐसे में यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो न सिर्फ इन मार्गों पर यात्रा कठिन होगी बल्कि इन सड़कों पर दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
नगरीय क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से पक्की सड़कों का लगभग दो वर्ष पूर्व निर्माण कराया गया है। इन मार्गों पर प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोग यात्रा करते हैं। सड़क के जगह-जगह टूटने व क्षतिग्रस्त होने से आमजन के साथ-साथ राहगीरों को काफी समस्या आ रही है। दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद अब जहां सड़कों में गड्ढा बन गया है, वहीं उसकी गिट्टियां भी उखड़ने लगी हैं। ऐसे मेें सड़क की दशा को सुधारने के लिए विभागीय जिम्मेदारों को तत्काल पहल करनी होगी। राहगीर संदीप सिंह ने बताया कि सड़क की दशा खराब होने से यात्रा में काफी समस्या आ रही है। विशुनपुरा के रहने वाले त्रियुगी नरायण ने कहा कि सड़क की मरम्मत हो जाए तो यात्रा सुगम हो सकेगी।
------------
सड़क एक : गोरखपुर-महराजगंज मार्ग से राजमंदिर जाने वाली सात किलोमीटर सड़क की दशा अत्यंत बदहाल है। ग्रामीण तो ग्रामीण, नगरीय सीमा में पड़ने वाली सड़क की भी गिट्टियां उखड़ गई हैं जिससे यात्रा करने वाले लोगों को काफी मुश्किल उठानी पड़ रही है।
सड़क दो : धनेवा से गबड़ुआं जाने वाली लगभग दो किलोमीटर की सड़क में जहां पानी लगा हुआ है, वहीं उसमें गड्ढा बनना भी शुरू हो गया है। ऐसे में इस मार्ग पर यात्रा करने वालों को दुर्घटना का भय बना रहता है।
सड़क तीन : फरेंदा मार्ग से चिउरहां मार्ग की तरफ जाने वाली सड़क भी पानी लगने की वजह से टूट रही है। जिससे इस मार्ग से यात्रा करने वाले राहगीर, आमजन व विद्यार्थियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
----
क्या है मानक
अवर अभियंता केके दुबे के मुताबिक किसी भी सामान्य सड़क की वैधता पांच वर्ष होती है। यदि दो वर्ष के पहले उसमें खराबी आती है तो उसे ठेकेदार की ओर से मरम्मत कराया जाता है, जबकि दो वर्ष के बाद व पांच वर्ष के पूर्व विभाग का जिम्मा होता है।
----------
सड़कों की दशा की बदहाली को दूर करने के लिए विभाग गंभीर है। सड़कों की जांच कराते हुए समस्या को दूर कराने का कार्य किया जाएगा।
सचिन कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग