करमहा गांव में 2001 में हुए रामसूरत हत्याकांड में न्यायालय ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश तिवारी ने 2001 में हुए हत्या के एक मामले में सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के करमह निवासी कैलाश व कमला देवी को आजीवन कारावास के साथ पांच-पांच हजार आर्थिक दंड से दंडित किया है। करमहा निवासी हरिलाल ने छह मार्च 2001 को सदर कोतवाली में तहरीर दी कि उससे व उसके गांव के रामनयन से जमीन का विवाद चल रहा है। गांव के कैलाश जो रामनयन के सगे पट्टीदार हैं। सदस्य चुनाव से रंजिश रखते हैं और रामनयन की मदद करते हैं। उक्त जमीन के विवाद को लेकर कई बार रामनयन व उसकी पत्नी वादी व उसके परिवार को धमकी देते थे कि एक-दो को मारकर फेंकवा देगा। इन्हीं रंजिश के कारण वादी मुकदमा के भाई रामसूरत जो वीडियो देखकर रात एक बजे घर आ रहा था। रामनयन व कैलाश मिलकर चाकू से मारकर हत्या कर दी।
उपरोक्त मामले में स्थानीय थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज हुई। विवेचना के उपरांत अभियुक्तगण के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल हुए। जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने गवाही के उपरांत अभियुक्तगण को कड़ी सजा की मांग की। जिस पर न्यायालय ने अभियुक्तगण को आजीवन कारावास व पांच-पांच रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।