महराजगंज। न्यायालय सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार ने हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि पिपरा रसूलपुर निवासी अमरावती देवी ने दी तहरीर में बताया था कि तीन माह माह पूर्व एक मामले में राकेश को कानून के हवाले कराई थी। इस बात से राकेश का चचेरा भाई मोहन निषाद रंजिश रखकर मुकदमे में सुलह का दबाव डाल रहा था। अमरावती ने इंकार कर दिया। इसी रंजिश में मोहन ने उसके पुत्र मुकेश उम्र 10 वर्ष 25 फरवरी 2014 को जंगल में खेलने गया था। शाम को घर नहीं आया। तलाश करने पर उसका शव 26 फरवरी वन विभाग की फारेस्ट चौकी से 200 मीटर की दूरी पर मुकेश की लाश पड़ी थी। उसके सिर पर धारदार हथियार से चोट के निशान लगे थे।
मोहन को फारेस्ट चौकी के आसपास मनभावती ने देखा था। उक्त प्रकरण में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। गवाही के उपरांत मोहन निषाद को कड़ी सजा देने की मांग की। जिसपर जिला सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त मोहन को आजीवन कारावास व 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।