23 मई 2014 को गला दबा कर हुई थी सुनीता की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। थाना कोतवाली क्षेत्र के चेहरी टोला बासपट्टी में वर्ष 2014 में दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर पत्नी सुनीता की हत्या करने के पति महेंद्र को दोषी पाए आजीवन कारावास की सजा मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पवन कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास के साथ तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त को 15000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक अभियोजन अधिकारी फौजदारी सर्वेश्वर मणि त्रिपाठी ने बताया कि वादिनी मुकदमा सीमा देवी निवासी ग्रामसभा चेहरी, टोला शिवथान ने 23 मई 2014 को थाना कोतवाली सदर में केस दर्ज कराया था। उसकी पुत्री सुनीता का विवाह महेंद्र के साथ एक वर्ष पूर्व हुआ था। दहेज में पुत्री से मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उसके ससुराल पक्ष के लोग प्रताड़ित किया करते थे। 23 मई 2014 को समय करीब नौ बजे दिन में उक्त तीनों लोग बुरी तरह से मारपीट कर पुत्री सुनीता की गला दबाकर हत्या कर दी थी। मामले में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह सजा सुनाई गई है।