महराजगंज। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महराजगंज पवन कुमार श्रीवास्तव ने बेटे के हत्या के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
शम्भू साहनी निवासी ग्राम सुरैना टोला कुकेसर को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज दी। 25 हजार रुपया अर्थदंड़ से दंडित किया गया।
अभियोजन के कथन के अनुसार, वादी मुकदमा ग्राम चौकीदार राम वृक्ष साहनी ने 22 नवंबर 2016 को थाना परसामलिक में तहरीर देकर बताया था कि वह ग्राम सुरैना का चौकीदार है। उसके ग्राम सभा के टोला कुकेशर में शंभू साहनी की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। वह अपने बेटे सिकंदर और धर्मेंद्र के साथ रहता है।
15 नवंबर 2016 की शाम को चार बजे शंभू शराब के नशे में घुत होकर अपने घर आया और छोटे बेटे धर्मेन्द्र उर्फ गोलू की जमकर पिटाई की थी। पिटाई करते हुए गांव के कई लोगों ने देखा है। उसी दिन से गोलू गांव में दिखाई नहीं दे रहा है। शंभू से पूछने पर वह कोई सटीक जवाब नहीं दे रहा है। उसे शक है कि शंभू ने ही अपने लड़के को गायब कर दिया है।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने शंभू साहनी से पूछताछ की तो शंभू के निशानदेही पर लाश गांव के पोखरे के भीटा पर बरामद की गई। इस मामले में स्थानीय थाना परसामलिक में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई और विवेचना के उपरांत न्यायालय में शंभू साहनी व संगीता के विरूद्ध आरोप पत्र प्रेषित हुआ। 16 गवाहों की गवाही कराने के उपरांत अभियुक्तगण को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई। जिसपर न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के अभाव में संगीता को दोषमुक्त कर दिया। शंभू साहनी को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।