रावण के वध के बाद जलाया गया पुतला।
नौतनवा। रामलीला मंचन क रहे कलाकारों ने बृहस्पतिवार की दोपहर युद्ध एवं रावण वध का अभिनय किया। लंका पर चढ़ाई के लिए श्रीराम व लक्ष्मण युद्ध मैदान में वानर सेना के साथ उतरे। रणभूमि में राम और लक्ष्मण अपनी वीरता से बड़े-बड़े राक्षसों को परास्त कर देते हैं। तब लंकेश स्वयं उनका सामना करने को उतरते हैं। उनके मैदान में आते ही लोगों की निगाहें वहीं की वहीं टिक जाती हैं। लीलास्थल पर करीब दो घंटे के भीषण युद्ध के बाद श्रीराम के हाथों लंकापति रावण का भी वध हो जाता है। इसके बाद परंपरा के अनुसार श्रीराम की वेशभूषा में कलाकार ने जैसे ही रावण के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया तो आसमान आतिशबाजी के रंगों में रंग गया और लोगों के जय श्रीराम-जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।