ब्लॉक क्षेत्र के टिकुलहिया गांव में जिम्मेदारों ने एक मुर्दे से 40 दिनों तक मनरेगा मजदूरी कराने के बाद उसके खाते में रकम का भी भुगतान कर दिया। इतना ही नहीं जिम्मेदारों की माने तो मुर्दे ने मजदूरी की रकम को भी हजम कर लिया है।
मामले की शिकायत पर अमर उजाला में शुक्रवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग के जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। जिम्मेदार मामले को मैनेज करने में जुट गए।
लेकिन जिम्मेदारों की बात नहीं बन सकी, क्योंकि दोपहर बाद मामले की जांच के लिए खंड विकास अधिकारी ने जांच टीम गठित कर दी है। खंड विकास अधिकारी शमा सिंह ने बताया की मृत प्रमाण पत्र के आधार पर टिकुलहिया गांव निवासी लल्लन की वर्ष 2015 में मौत हो चुकी है।
उसके बाद भी लापरवाही बरतते हुए जॉब कार्ड संख्या 110 पर फर्जी मस्टरोल बनाकर मृतक लल्लन से मनरेगा योजना में 40 दिन मजदूरी कराई गई है। इतना ही नहीं उसके खाते में मजदूरी की रकम भेज दी गई। जिस मामले में गांव के पूर्व ग्राम प्रधान विष्णु प्रजापति की ओर से शिकायत की गई थी।
उक्त मामले में कार्रवाई के लिए टीम गठित कर सहायक खंड विकास अधिकारी विनय कुमार पांडेय को जांच के लिए निर्देशित किया गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।