सेमहरना गांव में दो माह पहले बनी इंटरलॉकिंग सड़क धसी।
निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के सेमरहना गांव में दो माह पहले 17.42 लाख रुपये से बनी दो इंटरलॉकिंग सड़क कई जगह टूटने के साथ धंसने लगी हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी को शिकायती पत्र देकर सड़क की गुणवत्ता की जांच की मांग की है।
बरगदही गांव निवासी पूनम देवी ने मुख्य विकास अधिकारी को दिए शिकायती पत्र और नोटरी में बताया कि वह क्षेत्र पंचायत वार्ड संख्या 95 के सदस्य हैं। सेमरहना गांव में मनरेगा योजना के तहत लगभग 17.42 लाख रुपये से दीनानाथ के दुकान से रघुनी के घर तक और मातिवर के दुकान से दिलावर के घर तक करीब तीन मीटर चौड़ी और 250 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य 23 मई 2024 को पूर्ण हुआ था।
जिम्मेदारों ने इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य मनरेगा योजना के विपरित कराते हुए जमकर धांधली की थी। यही कारण है की महज दो माह बाद ही दोनों इंटरलॉकिंग सड़क कई जगह टूटने लगी हैं। जिम्मेदारों ने दोनों इंटरलॉकिंग सड़क पर जहां मनरेगा मजदूरी के नाम पर 1 लाख 8546 रुपये का भुगतान कराया है।
वहीं अब जिम्मेदारों ने सामाग्री अंश में मैटेरियल के नाम पर 16.34 लाख रुपये का भुगतान कराने के लिए एमआईएस भी करा लिया है। सहायक खंड विकास अधिकारी विनय पांडेय ने बताया की मामले की जांच कराने के लिए उच्चाधिकारियों से उन्हें पत्र मिल चुका है। जल्द ही टीम गठित कर दोनों इंटरलॉकिंग सड़क की जांच कराकर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बगैर गिट्टी डाले ही करा दी गई है इंटरलॉकिंग सड़क
सेमरहना गांव में जिन दोनों इंटरलॉकिंग सड़क की जांच करने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है। उसी से जुड़ा एक मिनट 39 सेकेंड का वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफ तौर से देखा जा रहा है, की कुछ दूरी तक इंटरलॉकिंग ईंट को बिछा दिया गया है। जबकि खड़ंजा सड़क पर बगैर गिट्टी डाले ही इंटरलॉकिंग ईट बिछाने के लिए सिमेंटेड ईंट सड़क के दोनों छोरों पर रखी गई हैं।