- सभी सुविधाओं से लैस इंट्रीग्रेटेड चेकपोस्ट पर यात्रियों व मालवाहक चालकों को मिलेंगी सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली कोतवाली क्षेत्र के शेख फरेंदा गांव के राजस्व गांव केवटलिया सिवान में 134 एकड़ में इंट्रीग्रेटेड चेकपोस्ट बन रहा है। यह फरवरी 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बन जाने के बाद विदेशी व अन्य यात्रियों को रहने समेत अन्य तरह की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। कुछ जमीन के दाखिल खारिज न होने से निर्माण की रफ्तार सुस्त है।
जानकारी के अनुसार, इंट्रीग्रेटेड चेकपोस्ट 89 करोड़ की लागत से बन रहा है। इसके तहत पैसेंजर फाइनल बिल्डिंग, कार्वो बिल्डिंग, वेयर हाउस बिल्डिंग, एसटीपी, वाटर पंप हाउस, बिजली घर आदि बनने हैं। विदेशी व अन्य यात्रियों को रहने, शौचालय आदि की सुविधा मिलेगी। मालवाहक गाड़ियों को एक ही छत के नीचे मिलेगी अनेक सुविधाएं मिलने लगेंगी। तस्करी व अपराध पर भी अंकुश लगेगा। वन विभाग, औषधि व खाद्य विभाग, कस्टम विभाग, जीएसटी, इमिग्रेशन विभाग आदि विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे। वर्ष 2020 -21 में जमीन अधिग्रहित कर लिया गया है। जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड को कार्य कराने की जिम्मेदारी मिली है।
इसके लिए जमीन का तो अधिग्रहण कर लिया गया है, लेकिन अभी जमीन की दाखिल खारिज नहीं हो सकी है। अभी भी जमीन किसानों के नाम से ही दर्ज है। बाइस माह में बनना है जो फरवरी 2025 में बनकर तैयार हो जाएगा। वर्तमान में परिसर में अभी मिट्टी गिराई जा रही है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यहां अभी भी दो तरह की समस्याएं हैं। पहली समस्या नदी कटान से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं और दूसरी अधिग्रहित की जमीन अभी भी किसानों के नाम से दर्ज है। अभी भी जमीन की दाखिल खारिज नहीं हुई है।
एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने बताया कि इंट्रीग्रेटेड चेकपोस्ट तय समय पर बनकर तैयार हो जाएगा। जिम्मेदारों को समयावधि के अंदर पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके बनने से समस्याओं का समाधान हो जाएगा।