महराजगंज। श्यामदेउरवां क्षेत्र के गोरखपुर रोड पर गोधवल चौराहे पर संचालित एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात की मौत की सूचना पर मौके पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम पहुंच गई। मौके पर अधिकारी पहुंचे तो मामला झूठा निकला।
बृहस्पतिवार को दोपहर गोधवल चौराहे पर स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात की मौत की किसी ने सूचना नोडल अधिकारी डाॅ. राजेश द्विवेदी को दी। सूचना पर कतरारी चौकी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। कुछ ही देर में नोडल अधिकारी भी पहुंचे।
जिले के निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डाॅ. राजेश द्विवेदी ने हास्पिटल में भर्ती मरीजों की जानकारी ली। जांच के दौरान हास्पिटल में पांच मरीज भर्ती मिले। इसमें से तीन का ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। मरीज के परिजनों ने बताया कि गांव की आशा ने यहां पर भर्ती कराया है। ऑपरेशन के नाम पर 20 से 25 हजार रुपये जमा करा लिया गया है। जांच के दौरान ग्राम सभा बैजौली टोला झोझई निवासी अन्नू, पिपरिया निवासी रेनू, सुमेरगढ़ निवासी खुश्बू का ऑपरेशन से प्रसव हुआ था।
अस्पताल कर्मी से पूछताछ में पता चला कि जिस डाॅक्टर के नाम पर अस्पताल पंजीकृत हैं वह दो दिनों से बीमार हैं। अस्पताल अप्रशिक्षित लोगों के भरोसे चलाया जा रहा है। नोडल अधिकारी डाॅ. राजेश द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।