मसालों के महंगा होने से गृहिणियों के रसोई का बजट बढ़ गया, बादाम के भाव भी चढ़ गए
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सब्जियों के बाद अब मसालों पर भी महंगाई की मार देखने को मिल रही है। मसालों में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला जीरा पांच गुना महंगा हो गया है। मेथी, काली मिर्च, हल्दी, बड़ी इलाइची आदि के दामों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। मेवा में बादाम के भाव भी चढ़ गए है। मसालों के महंगा होने से गृहिणियों के रसोई का बजट भी बढ़ गया है। वहीं दाल से तड़का गायब हो रहा है। रोजाना सुबह-सुबह अधिकांश घरों में लगने वाला दाल का तड़का अब कई गुना महंगा हो गया है। दाल के तड़के में पड़ने वाले जीरे की कीमतें पांच गुना बढ़ गई हैं, जिसके चलते लोग अब इसे कम खरीद रहे हैं। जीरा जहां कुछ माह पहले 200 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा था, तो वहीं वर्तमान में 900 रुपये के पार है। महंगाई का असर घरों में प्रतिदिन प्रयोग होने वाले अन्य मसालों पर भी हुआ है। लगभग हर व्यंजन में प्रयोग होने वाली हल्दी भी दोगुने दाम पर पहुंच चुकी है। 75 रुपये प्रति किलो बिकने वाली हल्दी इन दिनों 160 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रही है। वहीं लाल और काली मिर्च भी लगभग दोगुनी हो गई है।
किराना कारोबारी अशोक टिबेड़वाल ने बताया कि पहले जहां लाल मिर्च 150 रुपये किलोग्राम मिल रही थी, तो वहीं अब इसका रेट 280 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। बादाम भी 600 से बढ़कर 800 रुपये प्रति किलो बिक रही है। मसालों के दामों में हुई वृद्धि ने लोगों की मुसीबत को दोगुना कर दिया है। पहले से ही सब्जियों की महंगाई की मार झेल रहे लोगों का रसोई का बजट मसालों के महंगाई से बिगड़ गया है।
महंगाई ने बजट बिगाड़ दिया
गांधी नगर निवासी गृहिणी जया कसौधन का कहना है कि गैस सिलिंडर के दाम पहले से ही ज्यादा है। तेल, दाल, सब्जियों के बाद अब मसालों की महंगाई ने बजट बिगाड़ दिया है। रसोई पहले की अपेक्षा कई गुना महंगी हो गई है। सरकार को राहत देनी चाहिए।
महंगाई कम करनी चाहिए
गांधी नगर की गृहिणी ममता वर्मा का कहना है कि सब्जी टमाटर, और दालें पहले से ही महंगी थी, जिसके चलते परेशानी हो रही थी। वहीं अब मसालों के दाम भी बढ़ गए हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और महंगाई कम करनी चाहिए।