फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: मैत्री बस सेवा के नाम पर अवैध बसें परिवहन विभाग को लगा रहीं चूना

Mon, 10 Jun 2024 03:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
भारत नेपाल मैत्री बस सेवा लिखकर चल रही बसें।
विज्ञापन
महराजगंज। भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा के नाम पर परिवहन विभाग को चूना लगाया जा रहा है। 30 से अधिक अवैध बसें सवारियां ढो रहीं हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई मतलब नहीं है। परमिट समाप्त होने के बाद झांसा देने के लिए बस पर भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा लिखवा दिया जाता है। इससे पर्यटक झांसे में आ जाते हैं, जबकि ये बसें अधिकृत नहीं होती हैं। इनमें कहीं से भी किसी यात्री को बैठा लिया जाता है। उसकी सूची नहीं होती है। अधिकृत बसों में सभी यात्री सूचीबद्ध होते हैं।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, परिवहन विभाग से अनुबंध समाप्त होने के बाद भी नेपाली नंबर की टूरिस्ट बसें संचालित हो रही हैं। ऐसी बसों पर भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा लिखकर यात्रियों को गुमराह किया जा रहा है। इससे परिवहन विभाग को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। परमिट में गड़बड़झाला कर विभाग को चूना लगाया जा रहा है। तमाम बसें टूर परमिट पर सवारियां ढो रही हैं। टूर परमिट पर चलने वाली बसें काठमांडो से दिल्ली और दिल्ली से काठमांडों तक करीब 30 दौड़ रही हैं। जिम्मेदारों की खामोशी से इन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
शिकायत पर कभी-कभी कार्रवाई होती है। दिल्ली तक चलने वाली बसों से हर माह (उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम) सोनौली डिपो को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। नेपाल के बेलहिया, बुटवल, भैरहवा की सवारियां सीमा पार छोड़ दी जाती हैं। खाली बस लेकर इंडियन इमीग्रेशन के पास सवारी भरकर बेरोकटोक दिल्ली तक बसें पहुंच रही हैं। इन अवैध बसों के संचालन में नेपाली नंबर की बसों के साथ-साथ कुछ उत्तर प्रदेश की टूर परमिट की बसें भी शामिल हैं। जिन्हें बिचौलिए सोनौली सीमा पर लाकर नेपाल से आने वाली सवारी को बैठाकर चले जाते हैं।
विज्ञापन


14 टूर ऑपरेटरों पर लगा था जुर्माना

चार मई को रूपनदेही जिले के बुटवल में अवैध रूप से संचालित टूर एंड ट्रेवेल्स पर छापामारी हुई थी। रूपनदेही जिला प्रशासन ने 14 टूर ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाया था। आरोप था कि सभी टूर ऑपरेटर अवैध रूप से नेपाली यात्रियों को भारतीय डग्गामार वाहनों से दिल्ली, बैंगलोर, महाराष्ट्र, मुंबई के लिए बुटवल से सेवा देते थे। किसी के पास रजिस्ट्रेशन नहीं था। इससे सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा था।
विज्ञापन

-विनय कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें