नेपाल में मंगलवार को युवाओं के आंदोलन के कारण लगातार तनाव और हिंसा का माहौल बना हुआ है। इसी बीच नेपाल की विभिन्न जेलों से कई कैदियों के भागने की खबर ने दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट हैं।
बुधवार की सुबह नेपाल से भागे चार कैदियों को भारत-नेपाल बॉर्डर स्थित सोनौली में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद चारों कैदियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल उनके नेपाल से फरार होने की पूरी कहानी और भारत में घुसपैठ के इरादे की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में हालात बिगड़ने के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है, जिसका फायदा उठाकर कैदी भागने में सफल हुए। भारतीय सीमा में घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सोनौली समेत सभी बॉर्डर चेकपोस्ट पर चेकिंग और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत नेपाल पुलिस को सौंपा जा सकता है।
सूत्रों की मानें तो पकड़े गए सभी कैदी भारतीय हैं जिनमे अनिल गिरी निवासी ग्राम पूरा थाना बहजोई सम्भल, राजपाल सिंह निवासी ग्राम हमपति काजपुर सम्भल का नाम शामिल है। दोनों एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बन्द थे। मोनू कश्यप निवासी ग्राम बनकी बाराबंकी दुर्घटना के मामले में बंद था। तीनो यूपी के रहने वाले बताए गए है।
जबकि अब्बास निवासी नगीना हरियाणा का रहने वाला है। यह भी दुर्घटना के मामले में जेल में था। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने बताया कि हिरासत में लिए गए कैदियों से पूछताछ की जा रही है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल पुलिस को सौंप दिया जाएगा।