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Maharajganj News: जमीन खरीदने में की चूक तो मकान बनाने का सपना रह जाएगा अधूरा

Tue, 30 Jan 2024 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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सदर तहसील में लगी भीड़।
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महराजगंज। अगर जमीन खरीदने जा रहे हैं तो आप भी सतर्क हो जाएं। कहीं दलालों के चक्कर में फंसकर आप भी अपनी जमा पूंजी न गवां बैठें। दलालों के चंगुल में फंसकर लोग न तो जमीन पा रहे हैं, न ही रकम मिल रही है। ऐसे में जमीन, मकान खरीदने से पहले पूरी तरह से जांच परख लें, नहीं तो समस्या हो सकती है। सोमवार को पड़ताल के दाैरान तमाम पीड़ित मिले जो रकम खर्च करने के बाद भी परेशान हैं। उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। नियम कानून के पेंच में फंसकर पीड़ित इधर-उधर भटकने को विवश हैं।
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निचलौल तहसील में सगरहवा गांव की शांति देवी मिली। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर वर्ष 2017 में एक व्यक्ति से झरवलिया गांव स्थित 62 डिस्मिल जमीन खरीदी थी। उसके बाद भी विक्रेता जमीन पर कब्जा नहीं करने दे रहा है। जमीन पाने के लिए थाने से लेकर तहसील का चक्कर लगा रही हूं, लेकिन अभी तक समस्या दूर नहीं हुई।
सदर तहसील में श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बसहियां बुजुर्ग के सरजू यादव मिले। उन्होंने बताया कि अपनी जमीन बेची थी। जिस दिन जमीन का बैनामा हुआ उस दिन विक्रेता को चेक दे दिया गया। अगले दिन पता चला कि खाते में रकम ही नहीं है। पैसा मांगने पर उसे धमकी मिल रही है। सरजू यादव ने बताया कि पिता को तीन डिस्मिल जमीन बेचनी थी।
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जमीन खरीदने के लिए पनियरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कमासिन खुर्द निवासी पप्पू सिंह, बृजेश सिंह, प्रियंका सिंह, पूनम सिंह और उनके दो सहयोगी गोरखपुर निवासी हसन अली व समीर अली मेरे घर आए। सहमति बनाकर मेरे पिता से 31 अगस्त 2021 को जमीन लिखवा ली और तय रकम नौ लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने कहा कि खाते में पैसा है आप अपने आवश्यकता अनुसार निकाल लिजिएगा। अगले दिन जब चेक अपने खाते में लगाया तो पता चला कि खाते में रकम ही नहीं है। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एक महीने बाद पैसा खाते में डाल देंगे, लेकिन आज तक पैसा नहीं दिए। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने आरोपी पप्पू सिंह, बृजेश सिंह, प्रियंका सिंह, पूनम सिंह, हसन अली, समीर अली के खिलाफ केस दर्ज करने की पुष्टि की।
आठ साल पहले बुक किया फ्लेट, न फ्लैट मिला न जमा रकम
महराजगंज। महाराष्ट्र में फ्लैट बुक करने के लिए आठ साल पहले सिसवा की एक महिला ने साढ़े बारह लाख रुपये जमा कर दिए। बिल्डर अब न तो फ्लैट दे रहा है और ना ही रुपये वापस कर रहा है। महिला ने बिल्डर व उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
सिसवा बाजार निवासी अनिता अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2016 में आरटीजीएस के माध्यम से करन ग्रुप आफ बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के प्रोपराईटर महेश ओझा को आवासीय फ्लैट बुकिंग के लिए 12.5 लाख रुपये दे दी, लेकिन न तो कोई एग्रीमेंट पेपर दिया गया न ही आवासीय फ्लैट। जब मैंने रुपये मांगी तो प्रोपराइटर महेश ओझा गाली दे रहे हैं। धमकी दी जा रही है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय ने आरोपी करन, शीतल कुमार मनैर निवासी शहबाज इंडस्ट्रीयल स्टेट करंजी कोल्हापुर महाराष्ट्र, शीतल मकदूम निवासी नवी मुंबई महाराष्ट्र के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा के तहत केस दर्ज करने की पुष्टि की।
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