महराजगंज। इन दिनों मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसका असर सेहत पर भी दिख रहा है। अगर गले में खराश हो तो सतर्क हो जाएं। समय रहते परामर्श लेकर दवा लेना शुरू कर दें, तो समस्या नहीं होगी। प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर बीमारी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना गले की समस्या से पीड़ित 20-30 मरीज पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल की ओपीडी में औसतन एक दिन करीब 700 मरीज आते हैं। मौसम में जबसे उतार चढ़ाव हो रहा है, तब से गले में खराश के साथ बुखार हो रहा है। रोजाना 20 से 30 मरीज आ रहे हैं। आयुष अनुभाग के डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बदलते मौसम के कारण अक्सर लोगों के गले में खराश या दर्द हो जाता है। गले में होने वाली कई तरह की समस्या इंफेक्शन या संक्रमण के कारण होती हैं।
गले का इंफेक्शन होने पर मुख्य तौर पर दर्द, खराश, ठंडा लगना या बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं गले में इंफेक्शन एक आम समस्या है, जो बैक्टीरियल इन्फेक्शन, वायरल इन्फेक्शन और एलर्जी के कारण हो सकता है। कई बार मौसम में बदलाव होने या फ्लू के कारण भी गले में संक्रमण हो जाता है। गले में इंफेक्शन होने पर अक्सर लोग उन्हीं लक्षणों पर ध्यान देते हैं, जो गले से जुड़े होते हैं।
हल्दी वाला दूध पीना हो सकता है फायदेमंद
डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में फ्लू और सर्दी होने की अधिक आशंका हो सकती है। बार-बार संक्रमण होना, अक्सर बीमार रहना, घावों का जल्दी न भरना, थकान-कमजोरी बने रहना इस बात का संकेत है कि आपकी इम्युनिटी लो हो सकती है। इसे दुरुस्त करने के लिए उपाय करना जरूरी है। दिनचर्या और आहार में कुछ बदलाव करके रोग प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद हो सकता है। हल्दी में प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। इसके साथ हरी-सब्जियों-फलों, मसालों का सेवन करें। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती हैं।