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Maharajganj News: कुत्ता काटे तो सुई लगवाने का करें इंतजार.. नहीं तो जेब होगी ढीली

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महराजगंज। कुत्ता काटने पर जिला अस्पताल सूई कक्ष में आपको इंतजार करना पड़ेगा। पांच लोगों के आने पर ही वायल खुलती है। अगर कोई इंतजार नहीं करता है, तो उसे बाहर रकम देखकर एआरवी लगवाना पड़ता है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबीज वैक्सीन तो मौजूद है, लेकिन सिस्टम की खामियों के चलते दूरदराज के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। गांव की गली में घूमने वाले कुत्तों ने काट लिया हो तो फिर वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल ही आना होगा।
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अप्रैल में शुक्रवार तक 278 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं। इन सभी काे सूई कक्ष में एआरवी लगाया जा चुका है। कुत्ता काटने पर प्रत्येक दिन औसतन आठ से दस लोग सूई लगवाने आते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सीएचसी पर वायल उपलब्ध है, लेकिन यह तभी लगता है, जब सूई लगवाने वालों की संख्या पांच हो जाती है। इस वजह से ज्यादातर लोग जिला अस्पताल में ही आते हैं। इस तकनीकी समस्या के कारण लोगों को परेशानी होती है। ज्यादा जरूरत होने पर लोग महंगे दाम पर वायल खरीद कर टीका लगाते हैं।
डॉ. एवी त्रिपाठी के अनुसार कुत्ता काटने के बाद 48 घंटे के भीतर ही पहली डोज अनिवार्य है। ऐसे में इंतजार करना खतरे से खाली नहीं है। लंबे समय से इसके समाधान की प्रक्रिया तो चल रही है, लेकिन कुछ ठोस अब तक नहीं हो सका है। ऐसा भी नहीं है कि अगर मरीज, जिला अस्पताल आ जाए तो उसे तुरंत ही इंजेक्शन लग जाएगी। इसकी भी एक लंबी प्रक्रिया है। सुबह आठ बजे से नंबर लगने की शुरुआत होती है। फिर डॉक्टर देखने के बाद तय करते हैं कि वैक्सीन की डोज कितनी होनी चाहिए। ऐसे में अगर 50 किलोलीटर दूर अड्डा बाजार में किसी को कुत्ते ने काट लिया तो इस प्रक्रिया में उलझ कर ही रह जाएगा। उसे मजबूरन दुकान से वैक्सीन खरीदनी पड़ेगी, जिसकी कीमत वर्तमान में 800 से 1000 रुपये के बीच है।
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जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट शैलेष मिश्रा ने बताया कि पांच की संख्या पूरी होने पर एआरवी लगाई जाती है। एक बार वायल खुलने पर ज्यादा देर तक नहीं रखा जा सकता है।
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गांव से लेकर शहर तक कुत्तों का आतंक
शहर से लेकर देहात तक अनगिनत कुत्ते गलियों में घूमते रहते हैं। इनके डर से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। लावारिस कुत्ते राह चलते लोगों पर हमला बोल देते हैं। वहीं रात के समय सड़कों पर इनका पहरा रहता है। यह कुत्ते सड़क से गुजरने वाले वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। पैदल चलने वाले लोगों को तो अपना शिकार बना लेते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग और बच्चों को हो रही है। उनका घर से निकलना ही मुश्किल हो गया है।

नगर पालिका के पास इंतजाम ही नहीं

शहर की गलियों में और सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों से अपने बच्चों और खुद को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी आप ही की है, क्योंकि इसके लिए जिम्मेदार विभाग नगर पालिका के पास फिलहाल कोई इंतजाम ही नहीं है।

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खूंंखार कुत्तों से ऐसे करें बचाव

-कुत्तों वाले इलाके में खुले में अकेले घूमने से बचें।

-कुत्ते या किसी अन्य जानकार के काटने पर उससे हुए घाव को साबुन और बहते पानी से 15 मिनट तक धोएं।

-किसी प्रकार मिर्च, पेट्रोल, मिट्टी का तेल, मिट्टी आदि घाव पर न लगाएं।

-जख्म पर रेबीज का टीका अवश्य लगवाएं।

-किसी प्रकार मिर्च, पेट्रोल, मिट्टी का तेल, मिट्टी आदि घाव पर न लगाएं।



वर्तमान में खुली जगह धीरे धीरे कम होती चली जा रही है। कुत्तों का इलाका भी कम हो रहा है। कुत्तों को जब अपने इलाके की सुरक्षा कर पाना मुश्किल होने लगता है, तो कुत्ते खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं। जब उन्हें लगता है कि इंसान उसके इलाके में घुस रहा है, तो ऐसी स्थिति में वह आक्रामक हो जाते हैं और हमले करते हैं। गर्मी के मौसम में कुत्ते ज्यादा आक्रामक होते हैं। इस वजह से वह सड़कों पर आने-जाने वालों को दौड़ाते हुए काटते हैं। इसके पीछे भोजन की कमी और तापमान में उतार-चढ़ाव प्रमुख कारण है।

-रामसखा सिंह, पशु चिकित्साधिकारी निचलौल


केस नंबर एक
- शास्त्री नगर के आशुतोष शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उस वक्त कोई और पीड़ित नहीं पहुंचा था। तो करीब एक घंटे इंतजार करने के बाद चले गए। एआरवी लगवाना जरूरी था, तो वह बाहर कहीं लगवाने की बात कहते हुए चले गए।

केस नंबर दो
-कलनही के वीरेंद्र को भी कुत्ते ने काट लिया था। वह सूई लगवाने आए थे, लेकिन चले गए। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन आकर सूई लगवाऊंगा। बताया गया कि पांच लोग पूरे नहीं हुए चला गया।

केस नंबर तीन
-हरखा के नरेंद्र भी एक आठ साल के बच्चे का लेकर दोपहर 12 बजे पहुंचे थे, लेकिन वह भी चले गए। उन्होंने बताया कि दूसरे दिन आकर सूई लगवाना पड़ेगा। जब पहुंचा था तो बताया गया कि कुछ देर इंतजार करें। कुछ देर तक रुक रहा, जब कोई नहीं आया तो चला गया।

कुत्ते ने हमला कर छह लोगों को घायल किया था

18 अप्रैल 2023 को निचलौल थाना क्षेत्र के बैदौली गांव में एक पागल कुत्ते ने बालिका समेत छह लोगों को काटकर घायल कर दिया था। कुछ लोग कुत्ते के डर से भागने के दौरान गिरने से जख्मी हो गए थे। सभी लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल में भर्ती कराया गया था।
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