महराजगंज। जिले में कई जगह नजूल की जमीनों पर लोगों का कब्जा है, लेकिन प्रशासन के पास इसका सटीक आंकड़ा नहीं है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में नजूल की जमीनों पर स्वामित्व का अधिकार वापस लेने का निर्णय लिया है। ऐसे में नजूल की जमीन पर बसे लोगों में हड़कंप मच गया है। यहां नजूल की कीमती जमीनें विवादों में हैं। जमीन के मालिकाना हक को लेकर कानूनी लड़ाई चल रही है।
राजस्व वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष चौबे के अनुसार, नौतनवा तहसील में बरगदवा मधुबनी गांव की 55 डिस्मिल नजूल की जमीन पर 18 लोगों का कब्जा है, जो आजादी के बाद से मकान बनवाकर रह रहे हैं। लोगों ने मुकदमा दर्ज करा नाम दर्ज कराने की मांग की है। श्रीराम बनाम सरकार तहसील नौतनवा का वाद न्यायालय में लंबित है।
फरेंदा तहसील क्षेत्र के सिधवारी में चंद्रिका बनाम सरकार का मुकदमा चल रहा है। नजूल की जमीन पर मकान बना है। प्रतिवादी ने बताया कि काफी दिनों से कब्जाधारी हैं। यह जमीन हमारे नाम से दर्ज होनी चाहिए। इसी तरह से जिले में अन्य स्थानों पर मामला न्यायालय में लंबित है।