दिन में हुई झमाझम बारिश, फसल बर्बाद होने की आशंका
महराजगंज। जिले में रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने किसानों के साथ-साथ आमजन की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। बारिश की वजह से खेतों में बढ़ रहे पानी के स्तर से जहां किसानों को फसल के बर्बाद होने का डर सता रहा है, वहीं गली-मोहल्लों में जलभराव से आमजन की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं।
जिले में जहां सितंबर माह तक मानक के अनुरूप बारिश नहीं हुई, वहीं अक्तूबर माह में रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है। दो दिन पूर्व हुए 147 मिलीमीटर बारिश की वजह से जहां धान की फसल में पानी जमा हुआ था, वहीं गली-मोहल्लों में भी दुश्वारियां बढ़ गई थीं।
शनिवार को हुई धूप से लोगों को उम्मीद थी कि खेतों व गली-मोहल्लों में पानी कम होगा, मगर रविवार दोपहर बाद एक बार फिर आधे घंटे से अधिक समय तक हुए झमाझम बारिश ने जिले भर के किसानों व आमजन की समस्या को बढ़ा दिया है। चिउरहां, धनेवा, गबडुआं, पड़री और अमरुतिया आदि जगहों पर जहां धान की फसल में पानी बढ़ रहा है, वहीं राजीव नगर, शास्त्री नगर, लोहिया नगर, बिस्मिल नगर, सिविल लाइंस में जलभराव से लोगों की दुश्वारियां बढ़ रही हैं।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालत दयनीय है। राजीव नगर में रहने वाले सुनील वर्मा ने बताया कि वार्ड में हुए जलभराव से आमजन की मुश्किल बढ़ रही है। गौनरिया राजा के किसान चंद्रशेखर यादव ने कहा कि बारिश की वजह से धान की फसल के खराब होने का डर बढ़ रहा है।
राप्ती व रोहिन नदी का बढ़ा जलस्तर, शेष में गिरावट
शनिवार की तुलना में रविवार को राप्ती व रोहिन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि गंडक, चंदन व प्यास नदी तथा महाव नाले के जलस्तर में गिरावट आई। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल ने बताया कि शनिवार की तुलना में रविवार को राप्ती के जलस्तर में .25 मिलीमीटर व रोहिन नदी के जलस्तर में .08 मिलीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अन्य तीनों नदियां व महाव नाला खतरे के निशान से नीचे बह रहा है।