महराजगंज। झमाझम बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिली। वहीं कुछ जगहों पर हवा के झोंके से धान की फसल गिर गई है। दूसरी ओर शहर में जल भराव के साथ सड़कें कीचड़युक्त हो गईं। 36 एमएम बारिश दर्ज की गई। शहर में लोगों को घरों से बाहर निकलने पर जलभराव से होकर जाना पड़ा। सर्विस लेन पर भी जलभराव से समस्या हुई।
बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी दिनभर जारी रही। बारिश होने के कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। शहर में जिला अस्पताल के ओपीडी गेट तक जलभराव हो गया। सर्विस लेन की नाली ओवरफ्लो होने से जलभराव हो गया। इसी तरह से शास्त्री नगर मोहल्ले से लेकर बिस्मिल नगर में कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों को समस्या झेलनी पड़ी।
शहर में जहां भी जलभराव क्षेत्र है, वहां लोगों को घर से बाहर निकलने में दिक्कत हुई। कोतवाली के बगल से होकर जाने वाले रास्ते पर भी जलभराव है। कोतवाली परिसर में भी जलभराव हो गया है। जल निकासी की व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए सफाई कर्मियों की टीम लगी रही। शास्त्री नगर के जितेंद्र ने बताया कि बारिश में हमेशा समस्या होती है। समाधान के लिए स्थाई व्यवस्था आज तक नहीं हुई।
अधिकतम तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस की गिरावट
महराजगंज। दो दिन की बारिश में तापमान में काफी गिरावट हुई है। अब हवा चलने पर हल्का ठंड का अहसास हो रहा है। हवा की गति मध्यम है। बीते दिनों में 36 डिग्री सेल्सियस रहने वाला अधिकतम तापमान शुक्रवार को 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान 22 डिग्री पर आ गया है। जबकि चार दिन पहले 25 डिग्री पर रहा। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि 30 सितंबर तक मौसम ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है। संवाद
धान की अच्छी पैदावार की बढ़ी उम्मीद
पिछले माह ठीक-ठाक बारिश नहीं हुई थी, जिससे धान की फसल सूखने लगी थी। बारिश होने से किसानों को राहत मिली है। धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। किसान हरेंद्र यादव का कहना है कि बारिश होने से सूख रही फसल को संजीवनी मिली है। अगर कुछ दिन और बारिश नहीं होती तो खेत में लगी पूंजी बर्बाद हो जाती। लौहर कहते हैं कि धान की फसल पीली पड़ गई थी।
खतरे के निशान से पांच फीट ऊपर बह रहा महाव नाला
महराजगंज। गंडक और महाव नदियों के जलस्तर में इजाफा हुआ है। प्यास नदी खतरे के निशान के एक मीटर नीचे बह रही है। गंडक नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के मुताबिक महाव वर्तमान में 10 फीट पर बह रहा है। जबकि खतरे का स्तर पांच फीट है। प्यास नदी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे है। चंदन नदी भी एक मीटर नीचे बह रही है। यह दोनों नदियों तेजी से बढ़ रही हैं। राप्ती के जल स्तर में कुछ खास बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। रोहिन तीन मीटर नीचे बह रही है। गंडक नदी खतरे का निशान 109.670 है। 107.32 मीटर पर वर्तमान जलस्तर है। यह नदी भी दोपहर बाद एक मीटर बढ़ गई। नेपाल में हो रही बारिश से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। भारतीय क्षेत्र में भी लगातार बारिश हो रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिले में स्थित 189 किलोमीटर बंधों पर निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अलावा अन्य कर्मचारियों को लगाया है। बंधों पर पेट्रोलिंग का निर्देश दिया गया है।
पेड़ गिरने से आधे घंटे आवागमन रहा बाधित
बृजमनगंज। बृजमनगंज फरेंदा मार्ग के लेहड़ा मंदिर के आगे समय माता मंदिर के पास दोपहर तीन बजे बारिश के बीच एक पेड़ गिरने से आवागमन आधे घंटे ठप रहा। पेड़ गिरने की सूचना पर वन विभाग के कर्मी और स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ को हटवा कर आवागमन बहाल किया गया। संवाद