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Maharajganj News: सिर दर्द बना गुलाबी नोट, बदलने की लोगों ने दिखी जल्दबाजी

Wed, 24 May 2023 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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किसी ने पुराना उधार चुकाया तो किसी ने 100 रुपये के पेट्रोल भरवाकर दो हजार का नोट दिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बैंकों में गुलाबी नोट बदलने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। लोगों में नोट बदलने की जल्दबाजी दिखी। लेकिन, खास बात यह रही कि नोट बदलने के दौरान कहीं परेशानी नहीं हुई। शहर में इधर-उधर नोटबंदी पर चर्चा जरूर हो रही थी। सभी लोग अपने-अपने तर्क थे। कोई इसे अच्छा बता रहा था तो कोई बेवजह परेशान करने वाला नियम बता रहा था।
शहर में जिसके पास दो हजार के नोट थे, वह सीधे बैंक पहुंचा या फिर दुकान पर सामान की खरीदारी करने। दुकानदारों ने बताया कि बकाया चुकता करने के लिए लोग दो हजार का नोट देने लगे हैं। इतना ही नहीं, पेट्रोलपंप पर बाइक में 100 रुपये का तेल भरवाने पर लोग दो हजार का नोट देते भी दिखे।
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कलक्ट्रेट मोड़ के पास पेट्रोल पंप पर ग्राहकों की भीड़ थी। लोग बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए खड़े थे। भीड़ में शामिल ज्यादातर लोग नोटबंदी पर चर्चा कर रहे थे। लोग यही कह रहे थे कि अब तो दो हजार का भी नोट बंद हो गया है। इस दौरान शास्त्री नगर के दीनानाथ वर्मा अपनी बाइक से पेट्रोल भरवाने पहुंचे। उनके दोस्त आयुष बाइक के पीछे बैठे थे। वह बोले की भैया 100 रुपये का पेट्रोल दीजिए। बाइक में पेट्रोल भरवाने के बाद जैसे ही उन्होंने दो हजार का नोट निकाला तो पेट्रोलपंप कर्मी सुनील थोड़ा मुस्कुराने लगा। बोला भाई कोई बात नहीं है।
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एसबीआई की मुख्य शाखा में रही सामान्य स्थिति
फरेंदा रोड पर भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा है। रोज की तरह यहां भीड़ रही। यहां नोट बदलने के लिए लोगों में जल्दबाजी दिखी। लेकिन, कोई परेशान नहीं दिखा। सामान्य दिनों की तरह कामकाज हो रहा था। मुख्य गेट से प्रवेश करते ही राकेश मिले। वह बोले कि तीन-चार नोट घर में थे। उसे लेकर जमा करने आया हूं। पहले ही दो हजार के नोट दिखने कम हो गए थे। इस वजह से लगता है कि परेशानी नहीं होगी। जब पहली बार नोटबंदी हुई थी तो हर कोई परेशान था। बैंकों में कतार नहीं टूटती थी। एटीएम से लेकर बैंक के अंदर तक सभी लोग परेशान थे। चिऊरहा मोहल्ले के अभय शंकर कतार में खड़े मिले। वह दो हजार के नौ नोट लेकर आए थे। अफसाना, संतोष चौधरी भी कतार में खड़े मिले।
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डाकघर में भी नोट बदलने पहुंचे लोग
डाकघर में भी लोग दो हजार के नोट जमा करने पहुंचे थे। सामान्य दिनों की तरह यहां ही कामकाज चल था। गांधीनगर मोहल्ले के विनय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि भाई क्या किया जाय, कौन सा नियम कब बदल जाय, कुछ कहा नहीं जा सकता है। नोटबंदी के दौरान रकम जमा करने में पसीना छूट गया था। इस बार ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि दो हजार के दो नोट जमा करने आया था। डाकघर में काउंटर पर तैनात बाबू अतुल सिंह ने बताया कि सात-आठ लोग ही दो हजार का नोट जमा करने आए थे।
... नोटबंदी क्या हुई, साल भर पुरानी मिल गई
बस स्टेशन के पहले किराने की थोक दुकान है। यह दुकान गोपी अग्रवाल की है। दुकान पर ग्राहक सामान खरीद रहे थे। यहां भी दो हजार के नोट बंद होने की चर्चा हो रही थी। एक पैकेट नमकीन लेते हुए सर्वजीत ने बताया कि कब कौन सा नियम बदल जाय कोई गारंटी नहीं है। वीरेंद्र ने बताया कि सरकार बेहतर कर रही है। जो लोग बड़ा नोट दबाकर रखे हैं, वह बाहर निकल रहे हैं। गरीबों के पास क्या है? इनकी बात को काटते हुए दुकानदार गोपी अग्रवाल ने बताया कि भाई जल्दी करें, बात करने का समय नहीं है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी क्या हुई, मेरा तो साल भर का पुराना बकाया मिल रहा है। दो हजार के नोट मिले तो उसे ले लिया। मऊपाकड़ के रहने वाले गौरीशंकर, शास्त्री नगर के रहने दीपक भी दो हजार के नोट लेकर खरीदारी करने पहुंचे थे। इन लोगों ने बताया कि अब दो हजार का नोट चलन से बंद हो गया है। किसी तरह से इसे हटाना ही पड़ेगा।
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अफवाहों पर ध्यान न दें। बैंकों में नियमानुसार रकम जमा करने के साथ ही बदला भी जा सकता है। दो हजार के नोट तो पहले से ही कम मात्रा में चलन में रहे। इसे लेकर कुछ खास भीड़ नहीं हो रही है। सामान्य दिनों की तरह से लोग रकम जमा करने आ रहे हैं।
-अरुण कुमार मिश्रा, प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, महराजगंज
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