बस स्टेशन निर्माण के लिए तीसरी किस्त का इंतजार, काम में तेजी लाने का दावा, स्टेशन पर परेशान हो रहे यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बदल रहे महराजगंज में विकास की रफ्तार सुस्त हो गई है। बजट का टोटा पड़ने से बस स्टेशन का निर्माण रुक गया है। बस स्टेशन निर्माण के लिए तीसरी किस्त का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा बलिया नाला पर बने पुल पर अंधेरा रहता है।
बस स्टेशन का भवन बनकर तैयार हो चुका है। प्लास्टर हो चुका है। परिसर को समतल नहीं किया गया है। शौचालय, पेयजल की सुविधा नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी बस का इंतजार करने में होती है। पहले तो कोई बताने वाला नहीं मिलता है, दूसरे बैठने की व्यवस्था नहीं है। स्टेशन परिसर में पीछे की ओर सफाई ठीक नहीं दिखी। किनारे एक हैंडपंप दिखा, लेकिन आसपास गंदगी के कारण कोई पानी पीने नहीं जाता है। निर्माणाधीन स्टेशन की हालत देखकर यात्री अंदाजा लगा रहे हैं कि निर्माण में कुछ समय और लगने की संभावना है।
इसी तरह से अन्य परियोजनाओं का हाल है। शहर में बलिया नाला पुल पर अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
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रकम समय से मिले तो निर्माण को मिलेगी गति
शहर में 6.57 करोड़ रुपये से बनने वाले बस स्टेशन के लिए कार्यदायी संस्था आवास विकास को नामित किया गया है। शुरुआत में एक करोड़ रुपये अवमुक्त होने के बाद दिसंबर 2021 में बस स्टेशन के नए भवन के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। करीब साढ़े तीन माह में दीवार खड़ी हुई थी, लेकिन धन के अभाव में निर्माण कार्य को गति नहीं मिल पा रही है। दूसरी किस्त दो करोड़ रुपये मिली तो कुछ काम हुआ, अब तीसरी किस्त का इंतजार किया जा रहा है। कस्बे के लोगों का कहना है कि रकम मिले तो निर्माण में तेजी आएगी।
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नई की जगह पुरानी पुलिया की रेलिंग तोड़कर बना रहे नया
चौक-निचलौल मार्ग पर बनकर तैयार हो चुका है। सड़क पर नई पुलिया बनाने के स्थान पर पुरानी पुलिया की रेलिंग को आगे बढ़ाकर काम चलाया जा रहा है। पुलिया निर्माण बेतरतीब ढंग से हो रहा है। कुछ स्थानों पर बिना पुलिया चौड़ा किए ही तारकोल गिराकर सड़क पिच कर दी गई है। कुछ जगहों पर सड़क पर ही पुलिया निर्माण सामग्री गिराकर छोड़ दिया गया है। 17 किलोमीटर लंबी चौक बाजार के ठेकी चौराहे से निचलौल के घोड़हवा तक के मार्ग का निर्माण कार्य एक साल से अधिक समय से चल रहा है। सड़क तो बन गई, लेकिन इस पर करीब दर्जन भर स्थानों पर पुलिया निर्माण होना है। रुदरौली निवासी सरवन प्रजापति ने बताया कि जिम्मेदार अधिकतर स्थानों पर पुराने पुलिया की रेलिंग को तोड़कर उसी को चौड़ाकर के अपने काम का इतिश्री कर रहे हैं तो वही कुछ स्थानों पर बेतरतीब ढंग से सड़क पर ही निर्माण सामग्री गिराकर छोड़ दिया गया है। ओबरी चौराहे से आगे शराब भट्टी के पास सड़क पर पड़े ईंट की वजह से लगातार दो दिनों से घटनाएं हो रही है। ओबरी निवासी सभासद छविनाथ यादव ने बताया कि पुलिया के निर्माण में मानक का ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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12 साल पहले दो करोड़ रुपये की लागत बने पुल पर रहता है अंधेरा
शहर में पथ प्रकाश की समस्या से हर कोई परेशान है। मोहल्ले में ही नहीं, मुख्य सड़क पर भी पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। शहर में बलिया नाला पुल पर पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं रहने से अंधेरा रहता है। थोड़ी दूरी पर दुकानें व ठेले पर जल रही लाइट का सहारा रहता है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता गंगा सागर ने बताया कि करीब 12 साल पहले दो करोड़ रुपये की लागत से यह पुल बना था। शहर के अमरूतिया के रहने वाले राजेंद्र ने बताया कि चार दिन पहले पुल से होकर साइकिल से गुजर रहा था तो सामने बगैर लाइट जलाए ई-रिक्शा आ गया। साइकिल लेकर गिर गया। पड़री के राधे मोहन ने बताया कि पुल पर लाइट लगना चाहिए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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बस स्टेशन पर यात्रियों की समस्या देखने वाला कोई नहीं है। अधिकारी यह सोचकर खामोश हैं कि निर्माण हो रहा है तो सुविधा बेहतर कैसे होगी। निर्माण में तेजी लाने का कोई प्रयास नहीं हो रहा हे।
सोनू गुप्ता, सक्सेना नगर
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पुल पर लाइट लगवाने के लिए किसी ने ध्यान नहीं दिया। अधिकारियों के दावे और हकीकत में बहुत अंतर है। पथ प्रकाश की बेहतर व्यवस्था रहती तो आने-जाने में समस्या नहीं होती।
कन्हैया कसौधन, बीरबहादुर नगर
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कोट
शहर में पथ प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। सर्वे कराया जाएगा, जहां जरूरत होगी, वहां हर हाल में पथ प्रकाश की व्यवस्था कराई जाएगी। समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होगा।
-डॉ. पुष्पलता मंगल, अध्यक्ष, नगर पालिका महराजगंज