महराजगंज। श्रावणी पूर्णिमा के दिन श्रवण नक्षत्र का पूजन विशेष माना जाता है, उस पर भी अगर सोमवार का दिन हो तो यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। इस बार शास्त्रीय मान्यता की यह तीनों स्थितियां एक साथ बन रही हैं। शुभ मुहूर्त में दोपहर 1:25 से सूर्यास्त 6:25 तक तक श्रवण नक्षत्र का पूजन व राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ समय रहेगा।
अगस्त का पूरा माह भक्ति से ओत-प्रोत है। इस माह हरियाली तीज, रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी समेत कई बड़े त्योहार मनाए जाएंगे। शिव चतुर्दशी व्रत से इस माह का प्रारंभ होने जा रहा है। इसको लेकर शिव भक्तों में उत्साह है। वहीं माह का समापन कृष्ण जन्माष्टमी और जया एकादशी से होगा। सावन मास की पूर्णिमा तिथि यानी रक्षाबंधन पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा।
मां पीतांबरा जनकल्याण ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषी आचार्य दिवाकर मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस बार 19 अगस्त को दोपहर 1:25 बजे तक भद्रा रहेगा। अतः श्रावणी पूर्णिमा पर 19 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार दिन में 1:25 के बाद मनाया जाएगा। इस बार राखी पर सर्वार्थ सिद्धि व रवियोग का महासंयोग रहेगा। शुभ मुहूर्त में दोपहर 1:25 से सूर्यास्त 6:25 तक तक पांच घंटे श्रवण नक्षत्र के पूजन व राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ समय रहेगा।
उन्होंने बताया कि सोमवार के दिन श्रवण नक्षत्र का योग होने से यह दिन शुभ है। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में वार, तिथि, योग, नक्षत्र व करण का अपना विशेष प्रभाव होता है। पंचांग के इन्हीं पांच अंगों से किसी भी त्योहार की श्रेष्ठ स्थित व पर्व को खास बनाने वाले योगों का निर्धारण होता है। इस बार श्रावणी पूर्णिमा 19 अगस्त को सोमवार के दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र तथा शोभन योग की युति अत्यंत शुभदायक है। सोमवार के दिन श्रवण नक्षत्र के होने से सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है।