महराजगंज। जिले के सभी 882 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2022-23 में अनिवार्य किए गए आडिट का पालन जिम्मेदार नहीं कर रहे हैं। अनिवार्यता के बाद भी अभी तक किसी ने आडिट नहीं कराई है, जिससे न तो विभाग के पास उससे जुड़े कोई साक्ष्य हैं और न ही कोई विवरण। ऐसे में जब राज्य स्तर से सूचना मांगी जा रही है तो विभाग भी उसे देने में अक्षम साबित हो रहा है।
जिले के सभी ग्राम पंचायतों को प्रारंभिक व अंतिम अवशेष का प्रति वर्ष विवरण रखा जाना है। यह विवरण तभी रखा जा सकेगा, जब सभी ग्राम पंचायतें नियमित रूप से गांव में कराए गए कार्यों की आडिट कराएंगी। यही नहीं व्यय विवरण से संबंधित बिल-बाउचर की छायाप्रति व उपयोगिता प्रमाणपत्र को भी जिला पंचायत राज विभाग को उपलब्ध कराएंगी। निर्देश के बाद भी ग्राम पंचायतों की ओर से जहां आडिट कराने से बचा जा रहा है, वहीं विवरण भी नहीं दिया जा रहा है, जिससे उच्च स्तर पर सूचनाओं के आदान-प्रदान में विभाग को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
मुख्य विकास अधिकारी का निर्देश भी बेअसर
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायताें में कराए जाने वाले विकास कार्यों की आडिट कराने के साथ ही व्यय का विवरण पंचायती राज विभाग को उपलब्ध कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने 26 जुलाई को खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी को पत्र भेज 30 तक सूचना उपलब्ध कराने को कहा था, मगर अभी तक किसी ग्राम पंचायत ने सूचना उपलब्ध नहीं कराई।
ग्रामसभा में कराए जाने वाले कार्यों की आडिट कराना जरूरी है। सभी प्रधान व सचिव इसे अनिवार्य रूप से कराएं। ऐसा न करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
-यावर अब्बास, जिला पंचायत राज अधिकारी