जनपद में झमाझम बारिश से सरकारी दफ्तर जलमग्न
महराजगंज। जिले में रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश से सरकारी कार्यालय परिसर जलमग्न हो चुके हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले चार दिनों में कुल 169 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। भारी बारिश ने जहां वर्ष-2014 का रिकार्ड तोड़ा है वहीं, गांव के खेतों से लेकर शहर के वार्डों तक जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है।
सोमवार को भी जिले भर में रुक-रुक कर हुई तेज व धीमी बारिश ने किसानों की चिंता को बढ़ाया है। दूसरी ओर, लोक निर्माण विभाग, गन्ना विभाग व स्टेडियम में जहां जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहीं आबकारी, कलेक्ट्रेट परिसर, सिंचाई विभाग परिसर में कम मात्रा में पानी लगा हुआ है। कार्यालय परिसर में पानी के बढ़ने से कार्यालय आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों व आमजन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के कर्मी जमालुद्दीन खां, मुन्ना शर्मा आदि ने बताया कि परिसर से पानी के न निकलने से काफी समस्या आ रही है।
वार्डों में हुए जलभराव ने बढ़ाई समस्या
नगर के राजीव नगर, शास्त्री नगर, विस्मिल नगर, आजाद नगर आदि वार्डों में जलभराव से लोगों की दुश्वारियां बढ़ रही हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालत दयनीय है। आजाद नगर में रहने वाले राजीव ने बताया कि वार्ड में हुए जलभराव से आमजन की मुश्किल बढ़ रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जगह-जगह जलभराव हो गया है। पनियरा, परतावल, घुघली, फरेंदा, बृजमनगंज, सिसवां, निचलौल व नौतनवां क्षेत्र में भी बारिश की वजह से जगह-जगह कीचड़ की स्थिति बनी हुई है।
राप्ती नदी का बढ़ा जलस्तर, शेष में गिरावट
रविवार की तुलना में सोमवार को राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जबकि गंडक, चंदन व प्यास नदी में गिरावट दर्ज की गई। रोहिन नदी तथा महाव नाले का जलस्तर स्थिर पाया गया। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल ने बताया कि रविवार की तुलना में सोमवार को राप्ती नदी के जलस्तर में .10 मिलीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जबकि गंडक, चंदन व प्यास नदी के जलस्तर में कमी पाई गई। रोहिन नदी व महाव नाले का जलस्तर स्थिर पाया गया। जिले के नदी व नाले का जलस्तर इस प्रकार रहा।