खोराबार क्षेत्र के कुंई गांव और आसपास के गांवों में भी टोमैटो फ्लू ने दस्तक दे दी है। शनिवार को पांच और मासूम संक्रमित मिले हैं। चार कुंई गांव में और नौवा अव्वल में एक मासूम में टोमेटो फीवर के लक्षण मिले हैं। अब तक 12 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर बच्चों की जांच कर इलाज किया और उन्हें दवाएं दी।
खोराबार के कुंई बाजार में टोमैटो फ्लू का प्रकोप बीते एक हफ्ते से पसरा हुआ है। संक्रामक बीमारी टोमेटो फ्लू के लगातार मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। शनिवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम कुंई बाजार पहुंची। इस टीम ने नौ बच्चों का इलाज किया। उनकी सेहत की जांच की और उन्हें दवाएं दी।
इसमें पांच बच्चों व किशोर को शुक्रवार को खोराबार पीएचसी पर इलाज मिल गया था। उन्हें दोबारा दवाएं दी गईं। शनिवार को कुंई गांव में चार वर्षीय प्रियांशु, दो वर्षीय दीवान, 13 वर्षीय स्नेहा और 10 वर्षीय अनुष्का में भी टोमैटो फ्लू का संक्रमण पाया गया। इसके साथ ही पास के नौवा अव्वल गांव में बच्ची के शरीर पर इस बीमारी के लक्षण मिले हैं।
टोमैटो फ्लू की जानकारी शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग को हुई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने मरीजों के घरवालों से संपर्क किया। पांच मासूमों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुआ था।
शनिवार को आरबीएसके टीम के डॉ. विपिन मिश्रा, डॉ. पंकज त्रिपाठी, उमेश सिंह, बृजेश कुमार, अवनींद्र तिवारी, निखिल सिंह और स्टाफ नर्स निशा गांव में पहुंची। टीम ने गांव में कैंप किया। गांव में जिन बच्चों के शरीर पर दाने और लालिमा मिली, उन्हें दवाएं दीं। सभी बच्चों के सेहत की जांच की गई।
ये लक्षण दिख रहे
गांव के बच्चों में पिछले एक हफ्ते से शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल रहे हैं और बुखार हो रहा है। यह दाने लाल रंग के हैं। दाने बड़े होने पर उसमें फफोले पड़ जा रहे हैं। खास बात यह है कि मुंह में छाले भी पड़ रहे हैं। बुखार से पीड़ित बच्चे कुछ खा भी नहीं रहे हैं।
कॉक्सकी वायरस से यह संक्रामक बीमारी होती है। इसमें शरीर पर निकले दाने टमाटर जैसे लाल रंग के होते हैं। इसका तेजी से संक्रमण फैलता है। संक्रमित बच्चों के संपर्क में आने पर दूसरे बच्चों में हो सकता है। यह जानलेवा नहीं है। स्वच्छता के नियमों का पालन कर बीमारी को काबू में किया जा सकता है:
डॉ. ओबैदुल हक, पीएचसी प्रभारी-खोराबार
सामान्य बीमारी, घबराएं मत
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि यह एक बहुत ही सामान्य बीमारी है जिसमें घबराने जैसी कोई बात नहीं है। यह स्वत: ही 5-7 दिनों में ठीक हो जाती है। मरीज को लक्षण के आधार पर दवा दी जाती है।