फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: बॉर्डर एरिया में अवैध गोदाम से करोड़ों का वारा न्यारा

Sun, 07 Apr 2024 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध गोदाम।
विज्ञापन
महराजगंज। भारत-नेपाल से लगे सीमावर्ती क्षेत्र में धंधेबाजों ने अवैध गोदाम बना रखा है। इसमें एक नंबर बिल से सामान मंगाकर भर दिया जाता है। मौका देखते ही कैरियरों के माध्यम से सामान सरहद पार हो जाता है। एक नंबर जीएसटी बिल पर सामान आने के चलते इस पर किसी की नजर भी नहीं पड़ती है और पगडंडियों के रास्ते दो नंबर से सरहद पार हो जाता है। इसे मोटा लाभ होता है। यही वजह है कि चावल, चीनी, दाल समेत रोजमर्रा की चीजें दो से तीन रुपये प्रति किलो महंगी बिकती हैं।
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में जीएसटी चोरी के लिए सीमावर्ती बाजार नौतनवा, सोनौली और ठूठीबारी में अवैध रूप से तस्करों ने गोदाम बना रखे हैं। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल को भारत से निर्यात होने वाले दर्जनों सामानों पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाने के बाद भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर की पगड़ंडियों से तस्करी बढ़ गई है। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्र के छोटे-बड़े मकानों में गोदाम बनाए गए हैं।
सोनौली कोतवाली क्षेत्र के सोनौली कस्बे से सटे प्राइवेट बस स्टैंड के सामने एक लाज के पीछे फरेनी मोहल्ले में नेपाली और भारतीय तस्करों ने गठजोड़ कर गांव में कई स्थानों पर सामानों को डंप करने का गोदाम बना रखा है। कोतवाली के निकट तीन बड़े गोदाम बनाए गए हैं। नौतनवा कुनसेरवा बाईपास पर 10 बड़े गोदाम से तस्करी हो रही है। साथ ही श्यामकाट, बनैलिया मंदिर, महुअवा, डिग्री काॅलेज के बगल में बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी, लक्ष्मीपुर, भगवानपुर, हरदी डाली, गोदाम में सुबह से लेकर शाम तक लाखों रुपये के सामान डंप किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

कैरियरों के रात भर घुड़दौड़ से परेशान रहते लोग
डंप किए गए सामानों को कभी रात में तो कभी सुबह कैरियर पगडंडी से नेपाल पहुंचा देते हैं। कैरियरों के रात भर घुड़दौड़ से पूरे गांव के लोग काफी परेशान रहते हैं। रात भर चैन से ग्रामीण सो नहीं पाते हैं। यहां नियम की अनदेखी कर फर्जी बिल के दिल्ली, गुजरात, बंगाल, पंजाब और यूपी के औद्योगिक क्षेत्र से माल लाकर बिना कस्टम पास कराए नेपाल पहुंचा दिया जा रहा है। इससे भारत के साथ ही नेपाल सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें