महराजगंज। शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने हवन पूजन किया। घर-घर कन्याओं का पूजन कर भोज कराया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने व्रत का पारायण किया। जबकि कुछ लोग शनिवार को करेंगे।
शुक्रवार को अष्टमी व महानवमी तिथि पर दर्शन करने वालों का तांता मंदिरों में लगा रहा। सर्वाधिक भीड़ आद्रवन लेहड़ा देवी मंदिर में रही। यहां बृहस्पतिवार की रात से ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। शुक्रवार को ब्रम्हमुहुर्त में जबतक आरती के बाद मंदिर के कपाट खुलते तबतक बड़ी संख्या में दर्शनार्थी परिसर के बाहर कतारबद्ध हो चुके थे। पंडित ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि सुबह 3.30 बजे श्रृंगार आरती के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए।
मंदिर प्रशासन के मुताबिक सुबह आठ बजे तक यहां लगभग पांच हजार से अधिक भक्तों ने माता के दर्शन किए। मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का क्रम पूरे दिन बना रहा। दर्शनार्थियों को असुविधा न होने पाए इसके लिए पुलिस बल की तैनाती भी रही। फरेंदा व जिला मुख्यालय स्थित दुर्गा मंदिर, मऊपाकड़, हनुमानगढ़ी, नौतनवा आदि मंदिरों में भी भक्तों की आवाजाही से चहल-पहल बनी रही। महानवमी पर्व को देखते हुए घरों व मंदिरों में कन्या पूजन का कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। श्रद्धापूर्वक भक्तों ने कन्याओं के पांव पखारकर उन्हें आसन दिया। नारियल, चुनरी अर्पित करने के बाद हलवा, पूड़ी, चना व अन्य सात्विक व्यंजनों का भोग कन्याओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने फरेंदा दुर्गा मंदिर परिसर में भक्तों से कन्यापूजन का कार्य विधि विधान से संपन्न कराया। घरों पर भी लोगों ने कन्या पूजन कार्यक्रम कर आशीर्वाद लिया। दोपहर दो बजे के बाद व्रत रखने वालों ने हवन कार्यक्रम प्रारंभ कराया। आद्रवन लेहड़ा मंदिर, कस्बा स्थित दुर्गा मंदिर के अलावा जनपद के लगभग सभी देवी मंदिर परिसर में हवन कार्यक्रम संपन्न कराने में भक्त देर रात जुटे दिखे।