-पड़री में रेलवे स्टेशन की प्रस्तावित जमीन का भी किया गया सर्वे, तेजी से काम करने में जुटी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। रेलवे लाइन के रास्ते में आने वाली जमीनों को प्रमाणित कर गजट के लिए फाइल शासन में भेज दी गई है। घुघली, जोगिया, घुघली खुर्द, रामपुर बालडीहा, घघरुवा, खडेसर का सर्वे हो चुका है। नक्शे का राजस्व टीम स्थलीय निरीक्षण कर रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 जनवरी से मुआवजा मिलने लगेगा। रेलवे ट्रैक से जुड़ी कार्रवाई तेजी से चल रही है।
चिह्नित क्षेत्र में टीम सर्वे कर रही है। रेलवे ट्रैक से जुड़े कार्यों पर सबकी नजरें टिकी हैं। पड़री में रेलवे स्टेशन की प्रस्तावित जमीन का सर्वे भी किया गया है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर टीम सर्वे कर रही है। दो से चार दिन में सात गांव की जमीनों का गजट प्रकाशित हो जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को आनंदनगर-महराजगंज-घुघली के रूप में नया वैकल्पिक रेलमार्ग मिल जाएगा। आम लोगों की राह आसान तो होगी ही, गोरखपुर जंक्शन का लोड भी कम हो जाएगा। गोरखपुर-गोंडा-नरकटियागंज के रास्ते बिहार और असम आदि से दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली मालगाड़ियों का संचालन घुघली-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते शुरू हो जाएगा। रास्ते में बिना रुके मालगाड़ियां चलेंगी।
भूमि अध्यप्ति अधिकारी मदन मोहन वर्मा ने बताया कि जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। 22 जनवरी से मुआवजा भी देना शुरू कर दिया जाएगा। गजट प्रकाशन के लिए भेजा गया है। जल्दी प्रकाशित हो जाएगा।