निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के गिरहिया गांव में विकास कार्यों के नाम पर जिम्मेदारों की मनमानी देखने को मिली है। यहां पर जिम्मेदारों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र से सटे करीब पांच लाख रुपये की लागत से कूड़ाघर का निर्माण करा दिया है। इस मामले में जहां ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से शिकायत कर गुहार लगाई थी।
वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मामले की जांच कर कूड़ा घर से गर्भवती महिलाओं और शिशुओं में संक्रमण फैलने की आशंका जताते हुए मामले की निस्तारण के लिए उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई थी, लेकिन जिम्मेदारों की मनमानी के आगे बेबस ग्रामीण और मजबूर स्वास्थ्य विभाग की टीम का कुछ भी नहीं चला।
ग्रामीण गोमती शरण, रमाशंकर, गौतम, कबिलास, बिखारी, श्रीकांत आदि ने बताया की गांव में गर्भवती महिलाओं और मासूम बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण कराया गया है। वहीं जिम्मेदारों ने लगभग पांच लाख रुपये की लागत से कूड़ाघर को स्वास्थ्य उपकेंद्र से सटे बनवा दिया है। ऐसे में उपकेंद्र पहुंचने वाले लोगों में कूड़े की ढेर से उठने वाले दुर्गंध संक्रमण बीमारी का खतरा पैदा हो सकता है।
आरोप है की इस मामले की जिम्मेदारों से कूड़े घर का निर्माण कार्य के दौरान ही शिकायत किया गया था। लेकिन जिम्मेदारों के मनमानी के आगे उनका कुछ नहीं चला। वहीं एक अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि गिरहिया निवासी गोमती शरण ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत किया था, की उपकेंद्र के बगल में कूड़ाघर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ.अंग्रेस सिंह ने कहा की ग्रामीणों की ओर से भी शिकायत की गई थी। वहीं मौके का निरीक्षण कर विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजने के साथ ही कूड़ाघर बनाने वाले संबंधित विभाग को भी पत्र भेजा गया था। उसके बाद भी उपकेंद्र से सटे कूड़ाघर का निर्माण करा दिया गया है।