बृजमनगंज थाना क्षेत्र के घीवपीढ़ के चरिगांवा निवासी ठेकेदार और व्यवसायी जगदीश मिश्रा की तबियत पहले से कुछ खराब चल रही थी। शनिवार को दिन में गोरखपुर से इलाज करा कर घर लौटे थे। फिर रविवार को शाम सात बजे के करीब उनकी तबियत बिगड़ गई। उनका बेटा मुन्ना, अजय और अरुण ने प्राथामिक इलाज के लिए सीएचसी धानी में भर्ती कराया। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि अस्पताल पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है। अस्पताल पर मौजूद फार्मासिस्ट गोपाल चतुर्वेदी ने इलाज किया। उसके बाद उसने किसी अन्य अस्पताल पर ले जाने की बात कही। घर के लोगों ने उनको आक्सीजन लगाने को कहा, लेकिन वहां आक्सीजन नहीं था। बिगड़ती हालत देख घर वाले आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बनकटी के डाक्टर मुकेश गुप्ता का कहना है कि हालत खराब होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरेंदा बनकटी लाया गया। जब तक अस्पताल पहुंचते उन्होंने दम तोड़ दिया। घर के कुछ लोग धानी स्वास्थ्य केंद्र पर रुके थे। जैसे ही मौत की जानकारी हुई वे अस्पताल पर हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि धानी स्वास्थ्य केंद्र पर समय से डॉक्टर नहीं रहते हैं। डॉक्टरों के न होने से उनकी मौत हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि सीएचसी धानी में अधीक्षक डॉ मणि शेखर के अलावा डॉ प्रकाश चन्द चौधरी, डॉ अरविन्द, व डॉ धर्मेन्द्र गौतम तैनात है। रविवार को डॉ अरविन्द की ड्यूटी थी। लेकिन उपस्थित नहीं रहे। उनके मौत की सूचना पाकर विधायक विनोद मणि, पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह, पूर्व प्रमुख रामप्रकाश सहित कई लोग उनके घर पहुंच कर पीड़ित परिवार को ढाढ़स बधाया।