19 सितंबर से घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाएगी टीम
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला और पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
महराजगंज। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने जिला संयुक्त चिकित्सालय में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का उद्घाटन तथा महिला चिकित्सालय में ढाई वर्षीय अनन्या तथा छह माह की स्वीकृति को पोलियो ड्राप पिला कर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। जिले में 1,679 लोगों को स्वास्थ्य मेले स्वास्थ्य परीक्षण हुआ।
इस अवसर पर सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया, नगर पालिका परिषद महराजगंज के चेयरमैन कृष्ण गोपाल जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आइए अंसारी ने बताया कि पल्स पोलियो की दवा सुरक्षित और असरदार है। इसके प्रति मिथक और भ्रांतियों के कारण पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो का उन्मूलन नहीं हो सका, जबकि भारत में पोलियो उन्मूलन संभव हो गया। उन्होंने बताया कि 19 से 23 सितंबर तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पोलियो की दवा पिलाएगी। आईसीडीएस विभाग से कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों को केंद्र पर दवा पिलवाएं, जबकि तीन वर्ष से कम आयु के बच्चों के माताओं को प्रेरित कर दवा पिलाई जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पोलियो का ड्राप नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि जिले में रविवार को आयोजित बूथ दिवस पर 1,370 बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई गई। अवसर पर सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी, एसीएमओ डॉ.र ाकेश कुमार, डॉ.एवी त्रिपाठी, सदर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. केपी सिंह, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्रीभागवत सिंह, डीपीएम नीरज सिंह, डॉ. विकास यादव, यूनिसेफ के डीएमसी अनिल कुमार तोमर, यूएनडीपी के जिला कोल्ड चेन प्रबंधक नागेन्द्र पांडेय, बीसीपीएम लवली वर्मा मौजूद रहे। सिसवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लॉक प्रमुख कोदई निषाद ने छोटे बच्चे को दो बूंद पोलियो ड्राप पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
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मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन जिले के 40 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया गया है। मेले में कुल 1,679 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें 717 पुरुष, महिला 712 एवं 250 बच्चे शामिल रहे। वहीं, 59 गोल्डन कार्ड बनाए गए। मेले में कोरोना से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया।
डॉ. राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी