फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृष्ण और सुदामा की मित्रता पूरी दुनिया में अनूठी: पंडित बालक दास

विज्ञापन
कृष्ण और सुदामा की मित्रता पूरी दुनिया में अनूठी: पंडित बालक दास
विज्ञापन
कथा व्यास पंडित बालक दास ने सोनरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण लीला सुनाई
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बागापार। सच्चा मित्र वही है, जो अपने मित्र की परेशानी को समझे और बिना बताए ही मदद कर दे। परंतु आजकल स्वार्थ की मित्रता रह गई है। जब तक स्वार्थ सिद्ध नहीं होता है, तब तक मित्रता रहती है। जब स्वार्थ पूरा हो जाता है, मित्रता खत्म हो जाती है।

यह बातें कथा व्यास पंडित बालक दास ने सोनरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कही। उन्होंने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के कहने पर मित्र कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी जाते हैं। जब वह महल के गेट पर पहुंचते हैं और प्रहरियों से कृष्ण को अपना मित्र बताते है। वह राजमहल में जाने की बात कहते हैं। सुदामा की यह बात सुनकर प्रहरी उपहास उड़ाते हैं और कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण का मित्र एक दरिद्र व्यक्ति कैसे हो सकता। प्रहरियों की बात सुनकर सुदामा अपने मित्र से बिना मिले ही लौटने लगते हैं। वहीं कृष्ण अपने बचपन के मित्र की आने की सूचना मिलने पर नंगे पांव दौड़े चले आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उनको मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। पूतना भेष बदलकर भगवान श्री कृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको ही मौत के घाट उतार देते हैं। इस दौरान मुख्य यजमान गोदावरी देवी, शिवशंकर गुप्ता, चंद्रशेखर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें