कम चली रोडवेज की बसें, खड़े होकर और बोनट पर बैठकर बहनों ने किया सफर
ठूठीबारी, निचलौल, गडौरा, सिसवा जाने के लिए परेशान दिखी बहनें, गोरखपुर रूट पर कम रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। बहनों के लिए मुफ्त सफर मुश्किलों से भरा रहा। महराजगंज डिपो की पूरी बसें नहीं चल सकीं। वाहनों के फेरे भी ज्यादा नहीं लगे, इस वजह से राखी के लिए भाइयों के घर जा रही बहनों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। रोडवेज बसों में बहनों को खड़े होकर, बोनट पर बैठकर धक्का-मुक्की के बीच सफर करना पडा। ठूठीबारी, निचलौल, गडौरा, सिसवा जाने के लिए बहनों को परेशानी हुई, लेकिन गोरखपुर रूट पर समस्या बहुत कम रही। भीड़ के कारण बच्चों को खिड़की से सीट तक पहुंचाना पड़ा। महराजगंज डिपो में 50 बसें संचालित होती हैं, लेकिन करीब 45 बसें ही सड़क पर दौड़ी। इस वजह से बसों के लिए घंटों इंतजार भी करना पड़ा।
बुधवार को बहनें भाइयों को राखी बांधने के लिए घर से निकलकर रोडवेज बस स्टेशन पर पहुंचीं तो उनको मुसीबत झेलनी पडी। शहर में बस स्टेशन पर पड़ताल के दौरान व्यवस्था बदहाल दिखी। पसीने तर धूप में बहनों को लोकल रूट पर बसों का इंतजार करना पडा। गोरखपुर जाने के लिए बसें को समय समय पर मिलती रही, लेकिन लोकल रूट पर परेशानी झेलनी पडी। धूप तेज होने के कारण जहां दस से बीस मिनट खड़े होने पर प्यास लग जाती थी, वहां बहनों को एक-एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
सुबह 11 बजे रहा था। स्टेशन के सामने तीन महिलाएं बच्चों के साथ खड़ी होकर बस का इंतजार कर रही थीं। इतने में एक आटो चालक आया, उनको समझाने लगा कि आज मुफ्त में नहीं जाने के लिए मिलेगा, कल से सुविधा शुरू होगी। यह बताकर उसने ऑटो में बैठाकर सिंदुरियां की ओर चला गया। जानकारी के अभाव में कुछ बहनों को रकम देकर ऑटो से यात्रा करनी पड़ी। 11:30 बजे एक बस गोरखपुर से आई तो उसमें बैठने के लिए होड़ लग गई। अंदर भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उमस से हर कोई परेशान दिखा। बच्चों को गेट से प्रवेश कराने में परेशानी हुई तो उनको खिड़की से सीट तक पहुंचाया गया। दुश्वारियों के बीच सफर कर रही बहनों ने कहा कि पर्याप्त बस सभी रूट पर रहती तो समस्या नहीं होती।
दोपहर 12 बजे से स्टेशन के सामने कीचड़ से बचते हुए महिलाएं बच्चों के साथ बस तक पहुंची। इस बस में भी भीड़ लगी रही। खड़े होकर महिलाओं को सफर करना पडा। स्टेशन का नजारा यही रहा। जो भी बस आती थी, उसमें बैठने के लिए होड़ लग जाती थी। लोकल रूट पर निजी बस व ऑटो चालकों की चांदी रही।
पूछताछ केंद्र पर भी नहीं मिल रही थी जानकारी
निर्माणाधीन बस स्टेशन पर बने पूछताछ केंद्र पर कोई सटीक जानकारी नहीं दे रहा था। यहां एक कर्मी की तैनाती रही, लेकिन जब कोई बसों के बारे में पूछने जाता था तो गार्ड मिलता था। कौन सी बस कब जाएगी, इसके बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल सकी।
फरेंदा रूट पर बहनों ने ऑटो से किया सफर
फरेंदा रूट पर रोडवेज बस नहीं मिलने से बहनों को 50 रुपये खर्च कर फरेंदा जाना पड़ा। बहनों को समस्या झेलनी पडी। दिन भर यही स्थिति नजर आई।
-
गुमराह करते रहे ऑटो चालक
- शहर में बस स्टेशन पर ऑटो चालक सवारी बैठाने के चक्कर में बहनों को गुमराह करते दिखे। एक ऑटो चालक ने बस का इंतजार कर रही महिला को बताया कि आज बस में मुफ्त में यात्री नहीं होगी। कल से यह सुविधा मिलेगी, यह सुनकर महिला उसकी बातों पर यकीन कर ऑटो में सवार होकर सिंदुरियां की ओर से चली गई।
-
दिव्यांग कार्ड ढूंढ रही थी महिला
स्टेशन परिसर में एक दिव्यांग महिला अपना कार्ड ढूंढ़ रहीं थी। वह एक दिन पहले बस से सफर कर आई थी, उसने बताया कि भूलवश कार्ड परिचालक के पास ही रह गया। आज ढूंढ रहीं हूं तो कोई कुछ बता नहीं रहा है। वह बहुत मायूस थी।
-
भीड़ के कारण दो घंटे से स्टेशन पर हूं। जगह नहीं मिल रही है। भीड़ के कारण बस में नहीं बैठ पा रही हूं। सोच रही हूं कि भीड़ कम होगी तो बैठ जाऊंगी।
लक्ष्मीना देवी, लक्ष्मीपुर खुर्द
ठूठीबारी जाना हैं। लगभग दो घंटे से इंतजार कर रही हूं, लेकिन बस नहीं मिली है। अगर कुछ देर तक नहीं मिलेगी तो टेंपो या टैक्सी से जाऊंगी। बस मिल जाएगी तो मुफ्त यात्रा हो जाएगी।
सरिता, किसुनपुर
भाई को राखी बांधने ठूठीबारी जा रही हूं। स्टेशन पर आई तो बस में जगह नहीं मिली, इससे काफी परेशानी हो रही है। व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है।
चंद्रावती देवी, सोनरा
भाई को राखी बाधने गडौरा जा रही हूं। एक बस आई तो बैठने के लिए जगह नहीं मिली। कुछ देर और इंतजार करूंगी, बस नहीं मिलेगी तो ऑटो से जाऊंगी।
आरती देवी, सिसवा महदेवा
-
रक्षा बंधन पर मुफ्त यात्रा के लिए पर्याप्त बसें लगी हैं। भीड़ ज्यादा होने के कारण थोड़ी समस्या हुई, जिले के प्रमुख रूटों पर बसे संचालित है। समय-समय पर बसों को भेजा रहा है। प्रयास रहेगा कि किसी को समस्या न हो।
सर्वजीत वर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, महराजगंज डिपो
-
चौक रोड पर 20 तो निचलौल रूट पर 35 ऑटाे संचालित
चौक रोड पर बुधवार को रोडवेज बस नहीं दिखी। इस रूट पर करीब 20 ऑटो संचालित होते हैं। ऑटो से जाने पर 20 रुपये किराया देना पड़ता है। बुधवार को ऑटो चालकों ने 25 से 30 रुपये किराया लिया। यही हाल बस स्टेशन से सिंदुरिया, चिउटहा आदि जाने के लिए रहा। सिसवा जाने में भी दुश्वारियां झेलनी पडी। निचलौल रूट पर करीब 35 ऑटो संचालित होता है। फरेंदा रोड पर करीब 50 की संख्या में ऑटो चलता है। इस रूट पर किराया 50 रुपया है। सरकारी बस का 38 रुपया किराया है।
-