24 नवंबर वर्ष 2000 को सदर क्षेत्र के करमहा गांव में हुई थी मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जनपद के थाना कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम सभा करमहा में वर्ष 2000 में हुई रास्ते के विवाद को लेकर मारपीट के मामले में जुगुल तिवारी व वाल्मीकि तिवारी को दोषी पाए जाने पर सत्र/जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश तिवारी ने चार वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक अभियुक्त को 2500 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बृजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि विजयनाथ तिवारी निवासी करमहा, थाना कोतवाली सदर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मेरे गांव के कल्पनाथ तिवारी मेरे चक में ट्रैक्टर ले जाने के लिए जबरिया रास्ता मांग रहे थे। इन्कार कर देने पर 24 नवंबर वर्ष 2000 को सुबह आठ बजे कल्पनाथ तिवारी अपने तीनों पुत्र जुगुल, वाल्मीकि व त्रिलोकी के साथ लाठी डंडा लेकर वादी के ओसारे में चढ़कर गाली देते हुए वादी व वादी के पुत्र पशुपति, वादी की पत्नी लीलावती को काफी मारे पीटे। जिससे वादी को चोट आई। सूचना पर थाना कोतवाली में केस दर्ज कर चारों अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में विवेचक ने आरोप पत्र प्रेषित किया गया। मुकदमे के दौरान कल्पनाथ तिवारी की मौत हो गई, अभियुक्त त्रिलोकी का केस बाल न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं सबूतों के आधार पर सजा सुनाई है।