महराजगंज। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से आनंदनगर-महराजगंज, घुघली रेल मार्ग का शिलान्यास करेंगे। इसे लेकर लोगों में खुशी की लहर है। आनंदनगर-घुघली वाया महराजगंज 52.7 किमी की रेल लाइन प्रस्तावित है। 10 गांवों के लोगों को मुआवजा भी मिल चुका है।
महराजगंज जिला बने 34 साल गुजर गया, लेकिन मुख्यालय रेलमार्ग से नहीं जुड़ा था। इसे लेकर हर बार चुनाव में नेता मुद्दा बनाते थे। बीते दिनों रेल मार्ग का सर्वे शुरू हुआ तो जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था। सर्वे के बाद मुआवजा बंटना शुरू हुआ तब भी लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे थे। चुनाव की अधिसूचना लगने से पहले महराजगंज वासियों के लिए रेलमार्ग का शिलान्यास कर पीएम यहां की परिवहन व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे को नया वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा
महाराजगंज जिले की उत्तरी सीमा नेपाल एवं दक्षिणी सीमा गोरखपुर से मिलती है, जबकि पूर्वी सीमा पर बिहार और पश्चिमी सीमा राज्य के सिद्धार्थ नगर जिले से लगी है। नारायणी, गंडक, राप्ती, चंदन, प्यास, घोंघी और डंडा नदियों के किनारे बसे यहां के लोगों के लिए रेलवे का यह तोहफा सपना पूरा होने जैसा ही है। 53 गांव से होकर ट्रेन गुजरेगी। इसमें चार गांव के क्षेत्र में सेंटर लाइन बन चुकी है। पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) को आनंदनगर-महराजगंज-घुघली के रूप में नया वैकल्पिक रेलमार्ग मिल जाएगा। इससे आम लोगों की राह आसान तो होगी ही गोरखपुर जंक्शन का लोड भी कम हो जाएगा। गोरखपुर-गोंडा-नरकटियागंज के रास्ते बिहार और असम आदि से दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली मालगाड़ियों का संचालन घुघली-आनंदनगर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते शुरू हो जाएगा। रास्ते में बिना रुके मालगाड़ियां चलेंगी।
आनंदनगर-घुघली वाया महराजगंज नई रेल लाइन विद्युतीकृत होगी। इस लाइन पर नौ बड़े चौदह छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस रेल लाइन के निर्माण के लिए 194 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित होगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेलवे के मुताबिक इस रेल लाइन पर कुल सात स्टेशन होंगे। इसमें आनंदनगर, महराजगंज एवं घुघली क्रासिंग स्टेशन होगा। इसके अलावा परसिया बुजुर्ग, पकड़ी नौनिया, शिकारपुर व पिपरा मुंडेरी में हाल्ट स्टेशन बनाए जाएंगे।