महराजगंज। शहर से लेकर गांव तक मीटर रीडिंग में बड़ा खेल चल रहा है। पहले रीडिंग गड़बड़ कर बिल दे दिया जाता है, फिर पीड़ित कार्यालय का चक्कर लगाते हैं, इसके बाद उनसे रकम की वसूली कर बिल ठीक कर दिया जाता है। इस समस्या से करीब तीन से चार हजार लोग पीड़ित हैं।
सोमवार को विद्युत उपकेंद्र पनियरा, परतावल, घुघुली की पड़ताल में कमियां उजागर हुईं। तीनों केंद्रों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी थी। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे थे जो बिल सुधार और मीटर की खराबी की सुधार के लिए महीनों से चक्कर लगा रहे हैं। बिजली विभाग की गलतियों की सजा उपभोक्ताओं को मिल रही है।
विद्युत उपकेंद्र पनियरा में करीब 12 बजे लोगों की भीड़ लगी रही। कुछ लोग बिल जमा कर रहे थे तो कुछ बिल व मीटर की समस्या लेकर कर्मचारियों से गुफ्तगू करते नजर आए। यहां गिरगिटियां टोला ढौठा निवासी जितेंद्र मिले। उन्होंने बताया कि मीटर रीडिंग में गड़बडी की वजह से बिल गड़बड़ आ गया है। सुधार के लिए एक साल से पावर हाऊस का चक्कर लगा रहा हूं। सुधार न होने के कारण ओटीएस योजना में भी रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाया। आज भी बिल सुधार कराने आया था, लेकिन नहीं हो पाया। अवर अभियंता को आज भी सुधार कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया हूं।
गिरगिटियां के समीउल्लाह को तो विभाग के कर्मचारियों की गलती ने इस कदर परेशान कर दिया है कि नींद हराम हो गई है। इनका एक महीने का बिल सात हजार आ गया है। बिल देखकर पावर हाऊस का चक्कर लगाना शुरू कर दिया। बिल सुधार के लिए प्रतिदिन यहां आ रहे हैं, लेकिन सुधार नहीं हो रहा है।
विद्युत उपकेंद्र परतावल में एक बजे खिड़की पर कुछ लोग खड़े होकर बिल जमा कर रहे थे। श्यामदेउरवां निवासी मोहन मिले, उन्होंने बताया कि बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है। दिसंबर में बिल भुगतान कर दिया था। जनवरी का बिल 1251 रुपये आया है।